MUMBAI

नीट पेपर लीक जांच में बड़ा मोड़: आरसीसी क्लासेस संचालक शिवराज मोटेगांवकर से सीबीआई की लंबी पूछताछ

नीट पेपर लीक जांच में बड़ा मोड़: आरसीसी क्लासेस संचालक शिवराज मोटेगांवकर से सीबीआई की लंबी पूछताछ

लातूर:
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब महाराष्ट्र के चर्चित ‘लातूर पैटर्न’ तक पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लातूर के प्रसिद्ध आरसीसी क्लासेस के संचालक और केमिस्ट्री विशेषज्ञ शिवराज मोटेगांवकर से लगातार दूसरे दिन पूछताछ की है। मामले में अब उन्हें आगे की जांच के लिए पुणे बुलाया गया है।

जानकारी के मुताबिक, 16 मई को सीबीआई की टीम ने शिवराज मोटेगांवकर से करीब नौ घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद शनिवार को जांच एजेंसी ने लातूर स्थित आरसीसी क्लासेस परिसर में पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर शिवराज मोटेगांवकर का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में वह अपने छात्रों से नीट परीक्षा में आए सवालों को लेकर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो में एक छात्र दावा करता नजर आया कि परीक्षा में आए 45 सवालों में से 42 सवाल मोटेगांवकर द्वारा दिए गए ‘गेस पेपर’ से थे। इसके बाद एक अभिभावक ने लातूर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर अब सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि कहीं पेपर लीक से आरसीसी क्लासेस का कोई संबंध तो नहीं है।

महाराष्ट्र के चर्चित ‘लातूर पैटर्न’ में आरसीसी क्लासेस का बड़ा नाम माना जाता है। यहां हर साल हजारों छात्र नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दाखिला लेते हैं। बताया जा रहा है कि लातूर स्थित आरसीसी क्लासेस में करीब 14 हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। संस्थान में 11वीं के छात्रों से लगभग 40 हजार रुपये और 12वीं के छात्रों से करीब 50 हजार रुपये तक फीस ली जाती है।

आरसीसी क्लासेस की शाखाएं लातूर के अलावा नांदेड़ और छत्रपति संभाजीनगर में भी संचालित हैं, जहां बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल वीडियो और ‘गेस पेपर’ का संबंध केवल शैक्षणिक अनुमान तक सीमित था या इसके पीछे पेपर लीक का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।

जांच एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, छात्रों के बयान और क्लासेस से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। फिलहाल शिवराज मोटेगांवकर की ओर से मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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