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बिहार की राजनीति में ‘निशांत’ युग शुरू, उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाएंगे नीतीश-पुत्र?

बिहार की राजनीति में ‘निशांत’ युग शुरू, उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाएंगे नीतीश-पुत्र?

निशांत कुमार की अब तक की यात्रा काफी अलग रही है. उनकी छवि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में रही है, जिन्हें हमेशा राजनीति से दूर माना जाता था, लेकिन अब वह अचानक सत्ता के केंद्र में आ गए हैं.

जेडीयू के दिग्गज नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं. सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है. देर शाम उन्हें स्वास्थ्य जैसा अहम विभाग आवंटित कर दिया गया. लंबे समय तक राजनीति से दूर रहे निशांत के लिए यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. पटना में शपथ ग्रहण के साथ ही निशांत कुमार की राजनीति में औपचारिक एंट्री हो गई है. इसे जदयू में नई पीढ़ी के नेतृत्व की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है.

इंजीनियरिंग की पढ़ाई, राजनीति रास न आई
निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1981 को हुआ. वह नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा के इकलौते बेटे हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई पटना में हुई. बाद में उन्होंने बाहर रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. तकनीकी क्षेत्र में उनकी रुचि है. इंजीनियरिंग पढ़ने के बावजूद उन्होंने किसी कॉरपोरेट करियर की बजाय, शांत और निजी जीवन को चुना. मां के निधन के बाद वह सार्वजनिक जीवन से और भी ज्यादा दूर हो गए थे.

Neeraj Kumar Srivastava

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