गर्मी के बीच ‘वाराणसी’ की शूटिंग पर पानी का संकट, राजामौली की 150 टैंकरों की मांग ठुकराई गई!

गर्मी के बीच ‘वाराणसी’ की शूटिंग पर पानी का संकट, राजामौली की 150 टैंकरों की मांग ठुकराई गई
नई दिल्ली:
हैदराबाद की तपती गर्मी के बीच फिल्मी दुनिया की एक बड़ी योजना पानी की कमी के सामने ठहर गई। मशहूर निर्देशक एस.एस. राजामौली की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘वाराणसी’ की शूटिंग के लिए मांगे गए 150 पानी के टैंकरों को जल बोर्ड ने देने से इनकार कर दिया है। इस फैसले ने न सिर्फ फिल्म निर्माण की गति को प्रभावित किया है, बल्कि शहर में पानी की बढ़ती जरूरतों की सच्चाई भी सामने ला दी है।
दरअसल, हैदराबाद महानगर जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (HMWS&SB) को फिल्म के निर्माताओं की ओर से एक अनुरोध भेजा गया था, जिसमें पानी के अंदर फिल्माए जाने वाले दृश्यों के लिए 10,000 लीटर क्षमता वाले 150 टैंकरों की मांग की गई थी। शूटिंग शहर के बाहरी इलाके गगनपहाड़ स्थित फिल्म सिटी स्टूडियो में चल रही है, जहां इस खास सीन के लिए एक कृत्रिम तालाब भी तैयार किया गया है।
लेकिन शहर की हकीकत इस फिल्मी सेट से अलग है। भीषण गर्मी के चलते हैदराबाद के कई इलाकों में पहले से ही पानी की मांग बढ़ चुकी है। टैंकरों की संख्या सीमित है और आम लोगों की जरूरतें प्राथमिकता में हैं। ऐसे में जल बोर्ड ने साफ कर दिया कि इतनी बड़ी मात्रा में पानी उपलब्ध कराना फिलहाल संभव नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड के प्रबंध निदेशक के अशोक रेड्डी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म के लिए 150 टैंकरों की आपूर्ति का दावा व्यावहारिक नहीं है। अधिकारियों ने निर्माताओं को विनम्रता से मना करते हुए संकेत दिया कि शहर के नागरिकों की जरूरतों से समझौता नहीं किया जा सकता।
फिल्म ‘वाराणसी’ अपने भव्य पैमाने और अनोखी कहानी को लेकर पहले ही चर्चा में है। इसमें महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े सितारे नजर आने वाले हैं। फिल्म की कहानी अंटार्कटिका से अफ्रीका होते हुए प्राचीन शहर वाराणसी तक पहुंचती है, जो इसे एक ग्लोबल विज़न देती है। इसकी रिलीज डेट 7 अप्रैल 2027 तय की गई है।
हालांकि, इस घटनाक्रम ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है—क्या बड़े बजट की फिल्मों के लिए संसाधनों का इस्तेमाल उस समय सही है, जब आम जनता बुनियादी जरूरतों से जूझ रही हो? एक तरफ फिल्मी सपनों की दुनिया है, तो दूसरी तरफ शहर की प्यास—और फिलहाल जीत हकीकत की हुई है।



