50 हजार सैनिक, लाखों गुरिल्ला वॉरियर, पुराने सोवियत हथियार… अमेरिका के सामने कितने दिन टिकेगा क्यूबा?

50 हजार सैनिक, लाखों गुरिल्ला वॉरियर, पुराने सोवियत हथियार… अमेरिका के सामने कितने दिन टिकेगा क्यूबा?
ट्रंप ईरान की जंग से लगभग बाहर निकल आए हैं, अब लोगों की नजर क्यूबा पर है. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 के अनुसार क्यूबा सैन्य ताकत के मामले दुनिया में 65वें नंबर पर है. उसके पास करीब 50,000 सैनिक और पुराने सोवियत हथियार हैं. क्यूबा अमेरिका को सीधी टक्कर नहीं दे सकता, लेकिन गुरिल्ला युद्ध में लंबा चला सकता है. हथियार मुख्य रूप से रूस और चीन से लेता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से जुड़ी जंग से लगभग बाहर निकल आए हैं. ऐसे में दुनिया की नजर अब क्यूबा की ओर घूम रही है. कई लोग चर्चा कर रहे हैं कि अगर अमेरिका का ध्यान क्यूबा की तरफ गया तो क्या होगा. क्यूबा के पास कितनी सेना और हथियार हैं? क्या वह अमेरिका को टक्कर दे सकता है?
ग्लोबल फायरपावर (GFP) 2026 रिपोर्ट के मुताबिक क्यूबा दुनिया के 145 देशों में 65वें नंबर पर है. अमेरिका इस लिस्ट में पहले नंबर पर है. लैटिन अमेरिका में क्यूबा की रैंकिंग अच्छी है, लेकिन वैश्विक स्तर पर यह काफी पीछे है.
क्यूबा की रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेज (FAR) में लगभग 50,000 सैनिक हैं. इसके अलावा 40,000 रिजर्व सैनिक और 11 लाख 45 हजार पैरामिलिट्री फोर्स (मिलिशिया और टेरिटोरियल डिफेंस यूनिट्स) हैं. कुल मिलाकर क्यूबा के पास बहुत बड़ी संख्या में लोग हैं जो जरूरत पड़ने पर लड़ाई में शामिल हो सकते हैं.
क्यूबा की रक्षा नीति ‘वार ऑफ ऑल द पीपल’ कहलाती है, यानी अगर कोई हमला करता है तो पूरा देश युद्ध का मैदान बन जाएगा. लेकिन एक्टिव और आधुनिक ट्रेनिंग वाले सैनिकों की संख्या अमेरिका के मुकाबले बहुत कम है. अमेरिका के पास 14 लाख से ज्यादा एक्टिव सैनिक हैं.
क्यूबा के हथियार और सैन्य उपकरण
क्यूबा की सेना मुख्य रूप से पुराने सोवियत काल के हथियारों पर निर्भर है.
जमीन पर: लगभग 194 टैंक (ज्याद�



