ट्रंप के फैसले से तेल बाजार में भारी गिरावट, ब्रेंट 15% टूटकर $100 के नीचे

ट्रंप के फैसले से तेल बाजार में भारी गिरावट, ब्रेंट 15% टूटकर $100 के नीचे
Brent Crude Crashes: आईएमएफ की पूर्व डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर Gita Gopinath ने भी चेतावनी दी है कि तेल कीमतों का आउटलुक बेहद अनिश्चित है और अगले 24 घंटे अहम रहेंगे. उन्होंने कहा कि हालात बिगड़ने पर कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं.
Brent Crude Crashes: ग्लोबल तेल बाजार (Global Oil Market) में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को टालने का एलान किया. इस फैसले के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 15% की गिरावट आई और यह $96 प्रति बैरल तक फिसल गया.
अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगभग 13.5% गिरकर $85.28 प्रति बैरल के स्तर तक आ गया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में “पूर्ण समाधान” को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है, जिसके चलते उन्होंने पांच दिनों के लिए सभी सैन्य हमलों को रोकने के निर्देश दिए हैं.
यह घटनाक्रम उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें अमेरिका ने Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए ईरान को अल्टीमेटम दिया था. यह Strait of Hormuz तेल सप्लाई का लगभग 20% संभालता है, इसलिए यहां किसी भी व्यवधान का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है.
तेल कीमतों का अनुमान ज्यादा
इस बीच, Goldman Sachs ने सप्लाई जोखिमों को देखते हुए तेल कीमतों का अनुमान बढ़ा दिया है. बैंक ने ब्रेंट का अनुमान मार्च-अप्रैल के लिए $110 प्रति बैरल कर दिया है, जबकि WTI के लिए $98-$105 का अनुमान जताया है. एनालिस्ट्स का कहना है कि यदि होर्मुज से सप्लाई सीमित रहती है तो कीमतों में फिर उछाल आ सकता है.
आईएमएफ की पूर्व डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर Gita Gopinath ने भी चेतावनी दी है कि तेल कीमतों का आउटलुक बेहद अनिश्चित है और अगले 24 घंटे अहम रहेंगे. उन्होंने कहा कि हालात बिगड़ने पर कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं.
वहीं, International Energy Agency (IEA) के प्रमुख Fatih Birol ने स्थिति को “बहुत गंभीर” बताया है. IEA सदस्य देशों ने 11 मार्च को 400 मिलियन बैरल तेल रणनीतिक भंडार से जारी करने पर सहमति जताई है, ताकि सप्लाई बाधाओं को कम किया जा सके.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार में गिरावट आई है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य और मध्य पूर्व के हालात आगे भी तेल कीमतों की दिशा तय करेंगे.



