8 सांसदों का निलंबन वापस, वेल में आने या कागज फाड़ने के खिलाफ भी सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति!

*8 सांसदों का निलंबन वापस, वेल में आने या कागज फाड़ने के खिलाफ भी सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति*
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का सोमवार को छठा दिन है और एक बार फिर सदन में तीखी राजनीतिक टकराव की संभावना बनी हुई है. विपक्षी दल देशभर में कथित LPG संकट और सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है. पिछले सप्ताह से ही विपक्षी दल लगातार LPG संकट, ऊर्जा सुरक्षा और महंगाई के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. शुक्रवार को संसद परिसर में कई विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया था और आठ निलंबित सांसदों की बहाली की मांग उठाई थी. इस दौरान सदन के भीतर भी नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बनी रही थी. केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा था कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण देश के सामने कुछ चुनौतियां पैदा हुई हैं और ऐसे समय में विपक्ष को सरकार के साथ मिलकर खड़ा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार हालात से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है और जरूरत पड़ने पर जरूरी फंड उपलब्ध कराने के लिए तैयार है. संसद की कार्यवाही में लगातार हो रहे व्यवधान को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने रविवार को सभी सांसदों को एक खुला पत्र लिखकर संसद की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से सदन और संसद परिसर में कुछ सदस्यों के व्यवहार से संसदीय लोकतंत्र की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है.
संसद के मौजूदा बजट सत्र में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार खत्म होने जा रहा है. सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में निलंबित सांसदों का निलंबन वापस लेने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आम सहमति बन गई है. सूत्रों के अनुसार, कल यानी मंगलवार (17 मार्च) को सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दलों द्वारा सांसदों का निलंबन रद्द करने का औपचारिक प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसे सरकार का समर्थन मिलने की उम्मीद है. यह निर्णय सदन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी है कि भविष्य में सदन की मर्यादा बनाए रखी जाएगी और सांसद वेल में आने या कागज फाड़ने जैसी हरकतों से बचेंगे. बता दें कि फरवरी में ‘अशोभनीय आचरण’ के चलते कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था. अब इस फैसले से विपक्ष के तेवर नरम पड़ने और विधायी कार्यों में तेजी आने की संभावना है.
स्पीकर बिरला ने पत्र में क्या कहा?
अपने पत्र में स्पीकर बिरला ने कहा कि बैनर, प्लेकार्ड और संकेतों का प्रदर्शन, इस्तेमाल की जा रही भाषा और आचरण गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने सांसदों से आत्ममंथन करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया. साथ ही उन्होंने सभी दलों के नेताओं से भी अपने सदस्यों में अनुशासन और उच्च आचरण सुनिश्चित करने को कहा. संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले पांच दिनों में भी कई बार कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ चुकी है. 13 मार्च को विपक्षी सांसदों ने LPG संकट को लेकर जोरदार नारेबाजी की थी, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी. उसी दिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई सांसदों ने निलंबित सदस्यों की वापसी की मांग भी उठाई थी. 12 मार्च को लोकसभा में LPG संकट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा उठाया था और कहा था कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है. इस दौरान उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री पर टिप्पणी की, जिस पर स्पीकर ने उन्हें बोलने से रोक दिया था. इसके बाद विपक्षी सांसदों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी.



