सबूतों को मिटाने की जल्दी! सूरजकुंड मेला हादसे को 24 घंटे भी नहीं बीते, बिछा दी हरी कालीन,नया झूला भी रख दिया।

फरीदाबाद के सूरजकुंड मेला हादसे को अभी 24 घंटे भी नहीं बीते हैं,लेकिन घटनास्थल से सबूतों को मिटाने की कोशिश शुरू हो गई है। घटना वाली जगह का पूरा स्वरूप ही बदल दिया गया है।जहां वह झूला था वहां एक हरी कालीन बिछा दी गई है। सुनामी झूले के सारे अवशेष हटा दिए गए हैं और वहां हरी कालीन के अलावा दूसरा झूला रख दिया है हादसे के बाद ये कार्रवाई अब सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है.सुनामी झूले के इंचार्ज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि तकनीकी खराबी के लिए कौन जिम्मेदार था। सवाल यह उठ रहा है कि जांच पूरी होने से पहले ही घटनास्थल से पुराने झूले के अवशेष हटाकर वहां नया सेटअप कर देना क्या सबूतों को मिटाने की कोशिश है? क्या फॉरेंसिक जांच के लिए साइट को सुरक्षित रखा गया ।



