आरबीआई गवर्नर का ऐलान- रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 5.25 प्रतिशत पर स्थिर, कम नहीं होगी आपकी लोन EMI

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 6 फरवरी को केंद्रीय बैंक की लेटेस्ट मौद्रिक नीति का फैसला सुना दिया रेपो रेट को स्थिर रखा गया है और इसमें कोई बदलाव नहीं है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि प्रमुख नीतिगत ब्याज दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी तथा आगे इनमें और कमी भी हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नीतिगत दर रेपो को शुक्रवार को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखते हुए अपने रुख को ‘तटस्थ’ बनाए रखा।
मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मल्होत्रा ने कहा, ” नीतिगत दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी तथा इनमें आगे और गिरावट भी आ सकती है।” उन्होंने हालांकि साथ ही कहा कि ब्याज दरों पर अंतिम फैसला मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा लिया जाएगा। केंद्रीय बैंक पिछले वर्ष से फरवरी अब तक आरबीआई रेपो दर में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।
गवर्नर ने कहा कि जमा पक्ष पर नीति दरों में बदलाव का प्रभाव धीमा रहा है और सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में आगे कमी आएगी। भारत के हाल में किए गए व्यापार समझौतों के प्रभाव पर किए सवाल के जवाब में गवर्नर ने कहा कि ये समझौते अन्य कारकों के साथ मिलकर देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि में करीब 0.20 प्रतिशत का योगदान दे सकते हैं। आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया है।
फरवरी 2025 से अब तक केंद्रीय बैंक नीतिगत रेपो दर में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती कर चुका है। यह नीति समीक्षा 2026-27 के केंद्रीय बजट की प्रस्तुति और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के तुरंत बाद हो रही है।
डिजिटल फ्रॉड होने पर आरबीआई देगा 25000 रुपये का मुआवजा
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को छोटे-मोटे धोखाधड़ी वाले लेन-देन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की क्षतिपूर्ति को लेकर नई रूपरेखा लाने की घोषणा की। मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष के लिए अंतिम द्विमासिक नीति की घोषणा करते हुए कहा, ”हम डिजिटल भुगतान की सुरक्षा बढ़ाने के लिए संभावित उपायों पर एक परिचर्चा पत्र भी प्रकाशित करेंगे। इन उपायों में विलंब से क्रेडिट और वरिष्ठ नागरिकों जैसे विशिष्ट वर्ग के उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण शामिल हो सकते हैं।”
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि प्रमुख नीतिगत ब्याज दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी तथा आगे इनमें और कमी भी हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नीतिगत दर रेपो को शुक्रवार को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखते हुए अपने रुख को ‘तटस्थ’ बनाए रखा।



