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Income Tax Budget 2026 LIVE: भारत का फिस्कल डेफिसिट ₹8.55 लाख करोड़ रहा, सरकार ने जारी किए डेटा

आम बजट 2026 से मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद है. टैक्स स्लैब में बदलाव, स्टैंडर्ड डिडक्शन और बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाने तथा नई टैक्स रिजीम को सरल बनाने की मांग है. साथ ही 80C जैसी छूट की सीमा बढ़ाने और टैक्स नियम आसान करने की भी उम्मीद जताई जा रही है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि टैक्स में राहत से खपत बढ़ेगी, जिससे अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को फायदा होगा. इसके अलावा अलग-अलग सेक्टर्स की क्या उम्मीदें है, ये आपको बताते हैं.

सिर्फ 2 दिन बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट 2026 पेश करेंगी, जिस पर मिडिल क्लास और नौकरीपेशा करदाताओं की खास नजर है. इनकम टैक्स स्लैब में राहत, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने, बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट में इजाफा और नई टैक्स रिजीम को और सरल बनाने जैसी उम्मीदें जताई जा रही हैं, ताकि महंगाई के दबाव के बीच लोगों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ सके.

इसके अलावा सरकार से टैक्स कंप्लायंस आसान करने, सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त राहत देने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए 80C जैसी धाराओं की लिमिट बढ़ाने की भी मांग है. अलग-अलग एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर बजट में इनकम टैक्स फ्रंट पर ठोस राहत मिलती है, तो इससे खपत बढ़ेगी और इसका सीधा फायदा इकॉनमी और शेयर बाजार दोनों को मिल सकता है.

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former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/News Portal

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