कुलदीप यादव की घटिया बॉलिंग और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों की नाकामी… ये 5 कारण जिसकी वजह से दूसरे वनडे में कटी टीम इंडिया की नाक

न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया को 7 विकेट से निराशाजनक हार मिली है. इस मैच में टीम इंडिया को टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी का न्योता मिला था. मैच में टीम इंडिया को बल्लेबाजी अच्छी शुरुआत मिली थी, निचलेक्रम के खिलाड़ी उपयोगी रन नहीं बना पाए. इसके अलावा गेंदबाजी में भी भारतीय खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर पाई. ऐसे में आइए जानते हैं दूसरे वनडे में टीम इंडिया की हार के ये 5 प्रमुख कारण.
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में टीम इंडिया की हार का सबसे बड़ा कारण मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी का लड़खड़ाना रहा. शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने टीम इंडिया को दमदार शुरुआत दिलाई थी, लेकिन मध्यक्रम में केएल राहुल के साथ दूसरे छोर पर और कोई भी टिक कर नहीं खेल पाए. इसकी वजह से टीम इंडिया का स्कोर 300 रन के भीतर ही रह गया.
भारतीय टीम को मिली हार का दूसरा सबसे बड़ा कारण स्पिन गेंदबाजों का फेल होना रहा. खास तौर से टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव तो बुरी तरह फ्लॉप रहे. कुलदीप ने अपने 10 ओवर के स्पेल में 82 रन लुटा दिए. इस दौरान उन्हें सिर्फ 1 विकेट मिला. सिर्फ कुलदीप ही नहीं, रविंद्र जडेजा ने भी 8 ओवर में 44 रन लुटा दिए. स्पिनर के इस निराशाजनक गेंदबाजी के कारण ही टीम इंडिया राजकोट में मैच को नहीं बचा पाई.
टीम इंडिया की हार की तीसरी सबसे बड़ी वजह खराब फील्डिंग भी रही. मैच में प्रसिद्ध कृष्णा ने डेरिल मिचेल का एक कैच टपकाया जब वह 80 रन के स्कोर पर खेल रहे थे. प्रसिद्ध कृष्णा का ये कैच छोड़ना टीम इंडिया पर भारी पड़ गया. इसके बाद मिचेल ने नाबाद 131 रन बनाकर न्यूजीलैंड को जीत दिलाई.
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मैच के बाद खुद माना कि टीम को हार का सामना इसलिए करना पड़ा क्योंकि गेंदबाज मिडिल ओवर्स के दौरान एक भी विकेट नहीं निकाल सके. डेरिल मिचेल और विल यंग के बीच इस दौरान 162 रनों की बड़ी साझेदारी हुई, जिससे भारत के हाथ से मैच छीन लिया
दूसरे वनडे में हार का एक बड़ा कारण डेरिल मिचेल का विध्वंस फॉर्म भी रहा. डेरिल मिचेल ने पहले वनडे में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया था. वहीं दूसरे वनडे में भी मिचेल ने अपनी फॉर्म को बरकरार रखते हुए दमदार खेल दिखाया. खास तौर से स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की, जिससे उन्होंने शतक लगाकर न्यूजीलैंड के लिए 285 रनों का लक्ष्य आसान बन गया.



