राष्ट्रपति भवन में बदली तस्वीर: औपनिवेशिक प्रतीक हटे, स्टेट गलियारे में लगे 21 परमवीर चक्र विजेताओं के चित्र।

नई दिल्ली। गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रपति भवन के स्टेट गलियारे से ब्रिटिश शासनकाल के 90 से अधिक अधिकारियों की तस्वीरें हटा दी गई हैं। उनकी जगह अब देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित 21 वीर सैनिकों के भव्य तैलचित्र लगाए गए हैं, जो भारत की वीरता, बलिदान और स्वाभिमान की गाथा को दर्शाते हैं।
राष्ट्रपति भवन, जो स्वतंत्रता से पहले वायसराय हाउस के नाम से जाना जाता था, लंबे समय तक औपनिवेशिक सत्ता के प्रतीकों को संजोए हुए था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय मानस से औपनिवेशिक अवशेषों को हटाने के आह्वान के बाद इस बदलाव की पहल की गई। अब स्टेट गलियारे से गुजरने वाले लोग राष्ट्रनायकों के शौर्य से प्रेरणा ले सकेंगे।
प्रत्येक चित्र के नीचे क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से आगंतुक संबंधित परमवीर चक्र विजेता के जीवन और वीरता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इन तैलचित्रों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) की देखरेख में नौ कलाकारों ने तैयार किया है। इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन वर्ष लगे।
इससे पहले भी राष्ट्रपति भवन में मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन और उसके संग्रहालय परिसरों में औपनिवेशिक सत्ता के प्रतीकों को हटाकर देश के नायकों और गौरवशाली इतिहास को प्रतिष्ठित किया जा रहा है।



