टूटी मूर्तियों की डरावनी कहानी, किराडू मंदिर जहां सूर्यास्त के बाद रुकने की कोई हिम्मत नहीं करता

रेगिस्तान की तपती रेत के बीच बसा राजस्थान का रहस्यमयी धरोहर स्थल किराडू की हर मूर्ति खंडित है. कोई हाथों से वंचित, कोई चेहरे से, तो कोई सिर से. कहा जाता है कि सदियों पहले आक्रांताओं ने यहां हमला कर एक-एक मूर्ति को तोड़ डाला था. इसके बाद किराडू कभी आबाद नही हो सका है और आज भी यहां की हर खंडित मूर्ति अपनी कहानी बयां करती है.
रेगिस्तान की तपती धरती पर बसा राजस्थान का खजुराहो कहलाने वाला किराडू मंदिर इतिहास, आस्था और रहस्य की ऐसी खामोश कहानी कहता है जहां आक्रांताओं की तोड़फोड़ के निशान आज भी हर पत्थर पर साफ नजर आते हैं और यही टूटन आज किराडू की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है. बाड़मेर जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर किराडू मन्दिर आज भी ऐतिहासिक धरोहर के रूप में शामिल है.
जटिल व बारीक नक्काशी, हर मूर्ति है खंडित
बाड़मेर जिले के किराडू क्षेत्र में स्थित ये मंदिर 10वीं–11वीं शताब्दी में परमार शासकों द्वारा बनवाए गए थे. इन मंदिरों की शिल्पकला इतनी सूक्ष्म और जीवंत है कि टूटे होने के बावजूद हर आकृति अपने आप में कला का अद्भुत उदाहरण लगती है. आक्रांताओं के हमले के दौरान मूर्तियों को जानबूझकर खंडित किया गया ताकि आस्था और सांस्कृतिक पहचान को मिटाया जा सके. इसके बाद यह क्षेत्र धीरे-धीरे वीरान होता चला गया और हजारों साल आज भी वैसा ही है.
हजारों बरसों बाद भी खंडित है यहां की मूर्ति, यही पहचान है किराडू की
आज भी हजारों साल बाद ये खंडित मूर्तियां इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को अपनी ओर खींचती हैं. टूटी हुई प्रतिमाएं मानो समय की मार झेलती हुई भी अपने अस्तित्व की कहानी सुना रही है. यहां का सोमेश्वर महादेव मंदिर खास रूप से प्रसिद्ध है जहां खंडित मूर्तियों के बीच स्थापत्य की भव्यता साफ नजर आती है.
एक श्राप की वजह से सूर्यास्त के बाद नही रुकता है यहां कोई
किराडू मंदिरों से जुड़ा एक श्राप भी बताया जाता है जिसके चलते सूर्यास्त के बाद यहां रुकने की मनाही मानी जाती है. यही रहस्य इसे और भी रोमांचक बना देता है. भले ही इस कथा का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नही है लेकिन पीढ़ियों से चली आ रही यह मान्यता लोगों की आस्था में गहराई से बसी हुई है. यही रहस्य, खामोशी और अधूरी प्रतिमाएं किराडू को सिर्फ एक ऐतिहासिक स्थल नहीं बल्कि डर, श्रद्धा और रोमांच का अनोखा संगम बना देती हैं जहां दिन में इतिहास बोलता है और रात को रहस्य



