POLITICS

मन की बात: जब प्रधानमंत्री देश से दिल से बात करते हैं।

हर महीने के आख़िरी रविवार को सुबह ठीक 11 बजे देश के लाखों घरों में एक अलग सा सन्नाटा होता है। चाय के कप हाथ में होते हैं, रेडियो या मोबाइल ऑन होता है और लोग कहते हैं— “मन की बात शुरू होने वाली है।” यह कोई आम भाषण नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री का वह संवाद है, जिसमें सत्ता कम और संवेदना ज़्यादा दिखाई देती है।

साल 2014 में शुरू हुआ “मन की बात” आज भारत का सबसे लंबा चलने वाला जनसंवाद कार्यक्रम बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम के ज़रिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO इंडिया) से सीधे देशवासियों से बात करते हैं—बिना स्क्रिप्ट पढ़े, बिना किसी बहस के।

इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें बड़े नेताओं के नाम कम और आम लोगों की कहानियाँ ज़्यादा होती हैं। कभी किसी गाँव की बेटी की सफलता का ज़िक्र होता है, तो कभी किसी किसान के नए प्रयोग की बात। कहीं स्वच्छता अभियान की चर्चा होती है, तो कहीं जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का संदेश।

“मन की बात” की आवाज़ सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। यह आवाज़ गाँव के रेडियो सेट, कॉमन सर्विस सेंटर, सामुदायिक रेडियो और मोबाइल फोन तक पहुँचती है। इसे 20 से ज़्यादा भारतीय भाषाओं में सुना जाता है, ताकि हर कोने तक बात पहुँचे।

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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