भारत के वोटर लिस्ट में केवल भारतीय नागरिक ही होने चाहिए; BLOs को CEC ज्ञानेश कुमार का संदेश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि तेलंगाना मतदाता सूची का विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) जल्द ही पूरे देश के लिए एक आदर्श बन जाएगा. उन्होंने यहां बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को संबोधित करते हुए कहा कि तेलंगाना को एसआईआर के अगले चरण में शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बिहार में हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुई एसआईआर प्रक्रिया को इस संदर्भ में एक मिसाल के तौर पर लिया जाना चाहिए. उन्होंने बीएलओ को भारतीय चुनावी प्रणाली की रीढ़ बताते हुए कहा कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण की सफलता उनकी प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत पर निर्भर करती है. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया उत्सुकता से देख रही है कि भारत अपने चुनाव कैसे कराता है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को समय-समय पर ‘वोटर लिस्ट को साफ करने’ की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में सिर्फ़ भारतीय नागरिक ही होने चाहिए. यहां तेलंगाना के बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. BLO भारत की चुनावी प्रणाली की रीढ़ हैं और वोटर लिस्ट को साफ करने की सफलता उनकी मेहनत और ईमानदारी पर निर्भर करती है.
उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लोग भारत के चुनावों पर करीब से नज़र रखते हैं ताकि यह समझ सकें कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कैसे काम करता है. उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान, बिहार के BLOs ने देश को रास्ता दिखाया था. SIR के तीसरे चरण के तहत, तेलंगाना पूरे देश को दिखाएगा कि यह काम कैसे किया जाना चाहिए.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने दावा किया कि बिहार में संपन्न हुई विशाल एसआईआर प्रक्रिया बिना किसी खामी के पूरी हुई. उन्होंने बताया कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में लगभग 75 लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और यह उल्लेखनीय है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई और पुनर्मतदान या मतगणना की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी. उन्होंने इस सफलता के लिए बिहार के बीएलओ को बधाई दी. उन्होंने तेलंगाना का क्षेत्रफल कनाडा से भी बड़ा बताते हुए कहा कि व्यापक मतदाता सूची शुद्धिकरण के पूरा होने के बाद राज्य का चुनाव प्रशासन एक नए युग में प्रवेश करेगा.
बीएलओ के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में कम मतदान का मुख्य कारण शहरी मतदाताओं की उदासीनता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाता उत्साहपूर्वक कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे देश के लिए एक मिसाल कायम हो रही है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भारत में चुनाव पूरी तरह से देश के कानूनों के अनुसार आयोजित किए जाते हैं
उन्होंने यह भी कहा कि भारत 1995 में अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनावी सहायता संस्थान (आईडीईए) का सदस्य बना और तीन दशकों के बाद इस संस्था का अध्यक्ष बन गया. उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि भारत के चुनाव आयोग ने विश्व में सबसे विश्वसनीय चुनाव प्रबंधन निकाय के रूप में मान्यता प्राप्त कर ली है.



