
दिवंगत कारोबारी संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर पर उनकी सास ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. ये मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है. बुधवार को अपनी सास रानी कपूर द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को कोर्ट में प्रिया कपूर की टीम ने बेवजह करार दिया है. ये आरोप संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहे कानूनी विवाद के दौरान लगाए गए हैं.
गौरतलब है कि प्रिया कपूर और उनकी सास के बीच चल रहा ये विवाद संजय कपूर की लगभग 30,000 करोड़ रुपये की बड़ी संपत्ति को लेकर चल रहा है. जिसने पूरे बिजनेस जगत का ध्यान खींचा है. बिजनेसमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में प्रिया पर कई गंभीर आरोप लगाए है. अदालत में सुनवाई के दौरान रानी ने आरोप लगाया कि संजय की अचानक मौत के बाद प्रिया ने उनकी संपत्तियों पर कब्जा करने की कोशिश की है. इसी पर कल यानी बुधवार को सुनवाई हुई है.
कोर्ट में सभी आरोपों को प्रिया ने बताया बेबुनियाद
बीते दिन इस मामले पर हुई सुनवाई के दौरान, प्रिया कपूर की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि प्रिया ने संजय कपूर की संपत्ति विदेश भेजी है या उनकी किसी भी संपत्ति को छुपाया है.कोर्ट में अपनी बात रखते हुए नायर ने कहा, ‘मैंने सभी संपत्तियों की एक डिटेलिंग लिस्ट दाखिल की है… हर लेन-देन का उसमें पूरा हिसाब दिया गया है. कोई भी पैसा विदेश नहीं भेजा गया है. उन्होंने आरोपों को ‘बेवजह और गैर-जिम्मेदाराना’ बताया. नायर ने यह भी कहा कि असली वित्तीय आंकड़ों से साबित होता है कि संजय कपूर की 60 करोड़ रुपये सालाना आय का दावा भी सही नहीं है.
30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर नहीं थम रहा विवाद
गौरतलब है कि ये पूरा मामला संजय कपूर की करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा है. संजय के अचानक हुए निधन के बाद से ही उनकी संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है. पहले करिश्मा कपूर के बच्चे और अपनी प्रिया की सास रानी कपूर ने प्रिया पर उनकी संपत्ति पर कब्जा करने का आरोप लगाया है और वसीयत की सच्चाई पर भी सवाल उठाए हैं.
बता दें कि संजय कपूर, जो बिजनेस जगत में एक जाना-माना नाम थे, उनका निधन 12 जून को यूके में हुआ था. वह एक पोलो मैच के दौरान अचानक गिर पड़े थे और उन्हें बचाया नहीं जा सका, उनकी अचानक मौत के बाद से ही उनकी संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया. रानी कपूर ने कई बार सार्वजनिक बयान देते हुए बहू प्रिया पर गंभीर आरोप लगाए है, जिनमें संपत्ति कब्जाने से लेकर वसीयत को छुपाने तक के दावे शामिल हैं.



