‘देश में बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य समस्या बढ़ी, विशेषज्ञ चिंतित

देश में किशोरों और स्कूली बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में खतरनाक वृद्धि देखी जा रही है। पिछले एक वर्ष में आत्महत्या, अवसाद और व्यवहार संबंधी मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों पर बढ़ता शैक्षणिक दबाव, सोशल मीडिया की लत, परिवार में संवाद की कमी और आत्म-पहचान का तनाव इस समस्या के प्रमुख कारण हैं। कई बच्चों में लगातार उदासी, आत्मविश्वास की कमी, डर और सामाजिक दूरी जैसे लक्षण देखे गए हैं।
स्कूलों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों के व्यवहार पर नियमित नज़र रखें और परिवर्तन दिखने पर समय रहते हस्तक्षेप करें। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि कई बार बच्चे मदद माँगने से डरते हैं, इसलिए माता-पिता को बातचीत का माहौल बनाना चाहिए।
सरकार भी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को बढ़ाने पर काम कर रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जमीनी स्तर पर अभी काफी काम किया जाना बाकी है।



