तेज प्रताप ने दी तेजस्वी को टेंशन, चुनाव चिन्ह का कर दिया ऐलान!

बिहार की सियासत में बड़ा धमाका हुआ है. आरजेडी नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने आखिरकार चुनाव चिन्ह का भी ऐलान कर दिया है. उनकी पार्टी को ब्लैक बोर्ड का चुनाव चिन्ह मिला है. इस साल अगस्त में उनकी पार्टी- जनशक्ति जनता दल को मान्यता मिली थी. यानी लंबे समय से अपने बयानों और अलग रुख की वजह से चर्चा में रहने वाले तेज प्रताप ने अब राजनीति में स्वतंत्र रास्ता चुन लिया है.
तेजप्रताप ने कहा कि उनकी पार्टी जनता की असली आवाज बनेगी और युवाओं, किसानों व गरीबों के हक के लिए लड़ेगी. इस कदम से आरजेडी के भीतर खलबली मच गई है, क्योंकि तेजस्वी यादव पहले से ही बिहार में विपक्ष के बड़े चेहरे के तौर पर सक्रिय हैं. पार्टी के पोस्टर में महात्मा गांधी, अंबेडकर, कर्पूरी ठाकुर, लोहिया और जेपी की तस्वीर लगाई है. पोस्टर में लालू और राबड़ी को जगह नहीं दी गई है.
सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर तेज प्रताप ने लिखा, ‘हमलोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण रूप से समर्पित और तत्पर हैं. हमारा मकसद बिहार में संपूर्ण बदलाव कर एक नई व्यवस्था का नव निर्माण करना है. हमलोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं.’
तेजस्वी यादव को चुनौती
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि तेज प्रताप का यह कदम सीधे-सीधे तेजस्वी यादव के लिए चुनौती है. इससे परिवार और पार्टी दोनों में तनाव और बढ़ सकता है. अब देखना होगा कि तेज प्रताप की नई पार्टी को कितना जनसमर्थन मिलता है और यह बिहार की चुनावी राजनीति को किस तरह प्रभावित करती है.
आरजेडी में नहीं होगी वापसी
तेज प्रताप यादव ने साफ कह दिया है कि अब वह कभी भी आरजेडी में वापस नहीं जाएंगे. पिछले हफ्ते एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने गीता और भगवान कृष्ण की कसम खाते हुए कहा कि चाहे कोई कितनी भी बार बुलाए, वे अब आरजेडी में नहीं लौटेंगे. उन्होंने सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनका मन साफ है और वे अपने फैसले पर कायम रहेंगे.
कहां से लड़ेंगे चुनाव?
तेज प्रताप ने महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब वे अपने दम पर राजनीति करेंगे और अपनी नई पार्टी के जरिए सफर आगे बढ़ाएंगे. परिवार से रिश्ते मजबूत होने की बात मानते हुए भी उन्होंने साफ कर दिया कि राजनीतिक रास्ता अलग है. तेज प्रताप ने अपनी बहनों को भी ऑफर दिया है कि अगर वे चाहें तो उनकी पार्टी से जुड़ सकती हैं और उन्हें टिकट भी मिलेगा.



