अमेरिका में भारतीय इंजीनियर मोहम्मद निजामुद्दीन की हत्या

अमेरिका में भारतीय टेक इंजीनियर मोहम्मद निजामुद्दीन की अमेरिकी पुलिस ने गोली मारकर उस समय हत्या कर दी। जब उसने रूममेट पर चाकू से हमला कर दिया था। शुरुआत में यह मामला केवल क्राइम का लग रहा था।लेकिन अब परत दर परत कहानी खुलकर सामने आ रही है।मोहम्मद निजामुद्दीन ने खुद को नस्लीय नफरत का शिकार बताया था।
उसने कहा था कि उसे नौकरी से गलत तरीके से निकाल दिया गया और जांच करने वाले अधिकारी ने भी उसे प्रताड़ित किया। मोहम्मद निजामुद्दीन ने लिंक्डइन पर अपना दर्द बयां किया था।मोहम्मद निजामुद्दीन तेलंगाना के महबूबनगर का रहने वाला था। उसने फ्लोरिडा के एक कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री ली थी और कैलिफोर्निया के सांता क्लारा में एक टेक फर्म में काम करता था।
उसके परिवार का कहना है कि वह बेहद शांत और धार्मिक स्वभाव वाला व्यक्ति था। निजामुद्दीन ने एक लिंक्डइन पोस्ट में लिखा था कि वह नस्लीय नफरत, भेदभाव, नस्लीय प्रताड़ना, शोषण, वेतन धोखाधड़ी, गलत तरीके से नौकरी से निकाले जाने का शिकार हुआ है।
निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उसे लेबर डिपार्टमेंट के नियमों के तहत सैलरी नहीं दी और उसे गलत तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया। स्थिति तब और खराब हो गई जब निजामुद्दीन के खाने में जहर मिला दिया गया और बाद में उसे घर से भी निकाल दिया गया।निजामुद्दीन ने पोस्ट में लिखा था कि आज यह मेरे साथ हो रहा है।
कल यह किसी के भी साथ हो सकता है। इसलिए मैं दुनिया से अपील करता हूँ कि शामिल लोगों के जुल्म और गलत कामों के खिलाफ न्याय की मांग करें। निजामुद्दीन के परिवार ने उसके शव को भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है।



