देश में बाढ़-लैंडस्लाइड क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने बताया कारण, SG तुषार मेहता बोले- प्रकृति अब दे रही जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब से लेकर जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में लैंडस्लाइड और बाढ़ पर संज्ञान लिया. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और एनडीएमए यानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य को नोटिस जारी किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों में पेड़ों की अवैध कटाई के कारण आपदाएं आई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों में बाढ़, भूस्खलन से संबंधित याचिका दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की. साथ ही सॉलिसिटर जनरल से उपचारात्मक उपाय सुनिश्चित करने को कहा. इस दौरान सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमने प्रकृति के साथ इतनी छेड़छाड़ की है कि अब वह हमें उसी का जवाब दे रही है
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब से लेकर जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में लैंडस्लाइड और बाढ़ पर संज्ञान लिया. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और एनडीएमए यानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य को नोटिस जारी किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों में पेड़ों की अवैध कटाई के कारण आपदाएं आई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों में बाढ़, भूस्खलन से संबंधित याचिका दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की. साथ ही सॉलिसिटर जनरल से उपचारात्मक उपाय सुनिश्चित करने को कहा. इस दौरान सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमने प्रकृति के साथ इतनी छेड़छाड़ की है कि अब वह हमें उसी का जवाब दे रही है.
बेंच ने अनामिका राणा द्वारा दायर याचिका को दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने को कहा. सीजेआई ने कहा, ‘हमने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अभूतपूर्व भूस्खलन
और बाढ़ देखी है. मीडिया में आयी खबरों से पता चला है कि बाढ़ में भारी मात्रा में लकड़ी बहकर आई. प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पेड़ों की अवैध कटाई हुई है. इसलिए प्रतिवादियों को नोटिस जारी करें. दो सप्ताह में जवाब दें…
एसजी तुषार मेहता की दलील
वहीं, सॉलिसिटर जनरल ने कहा, ‘हमने प्रकृति के साथ इतनी छेड़छाड़ की है कि अब वह हमें उसी का जवाब दे रही है.’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में हिमाचल से बड़ी संख्या में लकड़ी के लट्ठे बहते हुए दिखाए गए हैं. यह गंभीर मामला है. हम पंजाब की तस्वीरें देख रहे हैं, जहां पूरे खेत और गांव तबाह हो गए हैं। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी है. इस पर एसजी तुषार मेहता ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है.



