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पहले पवन खेड़ा और अब उनकी पत्‍नी…अमित मालवीय ने पेश किए ऐसे सबूत मची खलबली, बोले- राहुल गांधी खामोश क्‍यों?

पहले पवन खेड़ा और अब उनकी पत्‍नी कोटा नीलिमा के पास एक से ज्‍यादा EPIC नंबर (वोटर कार्ड) होने का मामला सामने आया है. बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय की ओर से यह सनसनीखेज दावा किया गया है. उन्‍होंने एक्‍स पर पोस्‍ट कर इसके सबूत भी पेश किए हैं. अमित मालवीय ने इसपर राहुल गांधी की चुप्‍पी पर भी सवाल उठाए हैं. बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए बिहार में तेजस्‍वी यादव के साथ वोटर अधिकार यात्रा की है.

दरअसल, कांग्रेस पार्टी एक नए विवाद में फंस गई है. पार्टी नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिना पर्याप्त तथ्यों की पुष्टि किए आम मतदाताओं की पहचान उजागर कर उनकी सुरक्षा से समझौता किया. लेकिन इसी बीच, उनकी नज़दीकी सहयोगियों के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं कि वे खुद एक से अधिक वोटर आईडी कार्ड (EPIC) रखते हैं. अमित मालवीय ने एक्‍स पर पोस्‍ट कर चौंकाने वाला दावा किया है. सबसे ताजा मामला सामने आया है कोटा नीलिमा का, जो कांग्रेस नेता और प्रवक्ता पवन खेड़ा की पत्नी हैं और साल 2023 में तेलंगाना विधानसभा के खैराताबाद (सीट संख्या 60) से कांग्रेस उम्मीदवार भी रही थीं. अमित मालवीय ने चुनावी हलफनामे और वोटर लिस्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि नीलिमा के पास खैराताबाद से रजिस्‍टर्ड एक वैध EPIC नंबर (TDZ2666014) है. यह कार्ड 2025 तक सक्रिय रहा.

अमित मालवीय का चौंकाने वाला दावा

अमित मालवीय ने दावा किया है कि पवन खेड़ा की पत्‍नी नीलिमा का नाम नई दिल्ली विधानसभा की मतदाता सूची में भी दर्ज है. यहां उन्हें K. Neelima, पति का नाम पवन खेड़ा और एक अलग EPIC नंबर (SJE0755975) के साथ वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है. इससे पहले भी राहुल गांधी के एक करीबी सहयोगी के पास दो वोटर कार्ड होने का मामला चर्चा में आ चुका है. आरोप है कि यह ‘वोट चोरी’ का सुनियोजित नेटवर्क है, जिसमें आम नागरिकों पर सवाल उठाने वाले नेता खुद चुनावी कानूनों का उल्लंघन करते पाए जा रहे हैं.

कांग्रेस के टॉप लीडर्स पर आरोप

अमित मालवीय ने अपने पोस्‍ट में कहा, ‘अब यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं के पास कई मतदाता पहचान पत्र हैं और वे एक से ज़्यादा जगहों पर रजिस्‍टर्ड मतदाता हैं. यह कोई संयोग नहीं है. वोट चोरी में लिप्त लोग ही आम नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए बदनाम कर रहे हैं और हमारी संस्थाओं को कमज़ोर कर रहे हैं. यह सड़ांध सिर्फ़ पवन खेड़ा और उनके परिवार तक ही सीमित नहीं है. इसकी जड़ें ऊपर तक जाती हैं – जब सोनिया गांधी (जो एक इतालवी थीं) 1980 में मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने में कामयाब रहीं.

इंडिया गठबंधन को भी लिया आड़े हाथ

बीजेपी आईटी सेल के चीफ ने कहा, ‘कोई आश्चर्य नहीं कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन अवैध प्रवासियों और गैर-भारतीयों का बचाव करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं और हमारे ही लोगों को कोसते हैं. यह लोकतंत्र की रक्षा के बारे में नहीं है. यह उनके वोट बैंक की रक्षा के बारे में है – जिसे भारतीय मतदाता सूची में बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए.’ अमित मालवीय ने आगे कहा कि राहुल गांधी अपने ही खेमे के भीतर (खासकर सार्वजनिक पद के इच्छुक लोगों और अपने करीबी लोगों के साथ) इन आपराधिक कृत्यों से खुद को मुक्त नहीं कर सकते. उन्हें बोलना चाहिए और चुनाव आयोग को जांच करनी चाहिए.

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/News Portal

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