वैष्णो देवी के करोड़ों भक्तों के लिए एक और बुरी खबर, बेस कैंप कटरा का ताजा हाल आया सामने, कब शुरू होगी यात्रा

माता वैष्णो देवी के लाखों-करोड़ों भक्तों के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है. जम्मू-कश्मीर के जम्मू संभाग में लगातार भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है. यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास लैंडस्लाइड होने की वजह से व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है. इस वजह से पवित्र यात्रा 9 दिनों से सस्पेंड है. फिलहाल इसके तत्काल शुरू होने की उम्मीद कम दिख रही है. बताया जा रहा है कि पिछले 24 घंटे में जम्मू संभाग में सबसे ज्यादा बारिश कटरा में रिकॉर्ड की गई है. बता दें कि कटरा माता वैष्णो देवी यात्रा का बेस कैंप भी है.
त्रिकूटा की पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा बुधवार को लगातार नौवें दिन निलंबित रही. अधिकारियों के अनुसार, कटरा बेस कैंप में पिछले 24 घंटों में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो जम्मू क्षेत्र में सबसे अधिक है. यात्रा 26 अगस्त को उस समय रोक दी गई थी, जब अर्धकुंवारी के पास भारी बारिश के कारण हुए एक बड़े भूस्खलन में 34 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई और 20 अन्य घायल हो गए थे. हालांकि, यात्रा निलंबित है, मंदिर खुला हुआ है और वहां पुजारी नियमित रूप से दैनिक पूजा और अनुष्ठान कर रहे हैं.
यात्रा रद्द होने के कारण कटरा पहुंचे कुछ तीर्थयात्री ‘दर्शनी ड्योढ़ी’ (मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य प्रवेश द्वार) पर प्रार्थना कर रहे हैं. दर्शनी ड्योढ़ी मंदिर का पहला ‘दर्शन’ स्थल माना जाता है. महाराष्ट्र के नागपुर से आए एक भक्त प्रमोद ने बताया, ‘मैंने तीन महीने पहले अपनी फ्लाइट, ट्रेन और होटल टिकट बुक किए थे, ताकि मंदिर में प्रार्थना कर सकूं. लेकिन यात्रा निलंबित होने के कारण मैं यहां (दर्शनी ड्योढ़ी) से प्रार्थना करके घर लौट रहा हूं.’ हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें निराशा नहीं है और वे माता के बुलावे का इंतजार करेंगे.
लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों, खासकर बाणगंगा नदी, का जलस्तर बढ़ गया है, जो कटरा शहर से होकर गुजरती है. अधिकारियों ने बताया कि यात्रा फिर से शुरू करने का निर्णय तब लिया जाएगा, जब मौसम की स्थिति में सुधार होगा और मंदिर तक जाने वाले 12 किलोमीटर के दोहरे मार्ग को तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित कर लिया जाएगा.



