चाट ठेला लगाकर जीवनयापन करने वाले के बेटे की सड़क हादसे में मौत

*गोण्डा*
गोंडा जिले अंतर्गत थाना कोतवाली देहात पुलिस चौकी सालपुर क्षेत्र अंतर्गत गोण्डा उतरौला सड़क मार्ग पर सोनबरसा के निकट बीती शनिवार देर रात को अनियंत्रित बाइक चालक ने साईकिल से घर लौट रहे दो सगे भाइयों कै जोरदार टक्कर मार दिया जिसमें एक भाई की मौके पर ही मौत को गयी जबकि बडे भाई का इलाज जिला अस्पताल गोंडा में चल रहा है। जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद निवासी राकेश पाल जीवन यापन के लिए पत्नी बच्चों सहित पूरा परिवार बग्गी रोड़ बाजार में रह कर चाट पकौड़े का ठेला लगा रहा है। बीते दिवस देर शाम को राकेश पाल ने बड़े बेटे हरिओम पाल तथा 11बर्षीय धीरज पाल को सायकिल से सोनबरसा कोई सामान लेने भेजा था दोनों भाई सामान लेकर एक ही साईकिल से लौट रहे थे कि सामने से आ रहा तेज रफ्तार बाइक सवार मुकेश प्रजापति पुत्र संगम लाल निवासी गांव लीला बभनी थाना कोतवाली देहात ने जोरदार टक्कर मार दिया जिससे दोनों भाई उछल कर दूर जा गिरे। साथ ही बाइक सवार भी गिर गया
घायलों को स्थानीय लोगों तथा पुलिस ने प्राथमिक उपचार के बाद एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया जहां 11 बर्षीय धीरज को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया जबकि बडे भाई का इलाज चल रहा है ।मृतक बालक धीरज पाल कक्षा 4 का छात्र है जो किसी निजी विद्यालय में पढ रहा था। सालपुर चौकी प्रभारी सौरभ सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचे घायलो को अस्पताल भेजवाया गया जिसमें झांसी जनपद निवासी राकेश पाल के 11बर्षीय धीरज की मौत हो गई बड़ा भाई ठीक है जबकि घायल युवक बाइक की हालत गंभीर बनी है ।
इस बाबत मृतक के बड़े भाई हरिओम ने प्रार्थना पत्र देकर बताया की हम दोनों भाई सायकिल से लौट रहे थे कि सीडी डीलक्स नम्बर यूपी 47 9943 के चालक लापरवाही पूर्वक मुझे जोरदार टक्कर मारी जिससे हम दोनों भाई दूर जा गिरे जिसमें हमारे छोटे भाई धीरज की मौत हो गई वादी ने बाइक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए कार्यवाही की मांग की है। कोतवाल संजय सिंह ने बताया वादी के प्रार्थना पत्र पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है अग्रीम कार्रवाई की जा रही है
*गरीब का बिखर गया परिवार*
झांसी जिले के किसी गांव क्षेत्र का रहने वाला राकेश पाल जीविका चलाने के लिए बिगत कई बर्षो से अपने पूरे परिवार पत्नी दो लड़के एक बेटी के साथ किराए का कमरा लेकर चाट ठेलिया लगा कर भरण-पोषण कर रहा था । कोई दुकान का सामन लेने के लिए उसने दोनों बच्चों को सायकिल से सोनबरसा भेजा था उसे क्या पता था उसके छोटे बेटे से आखिरी मुलाकात होगी मौत उसकी प्रतीक्षा कर रही है पूरा परिवार इस घटना से बदहवास है आसपास के लोगों में भी मामत का नजारा है ।



