तेजस्वी यादव- राहुल गांधी की यात्रा से ममता बनर्जी ने बनाई दूरी, आखिर कैसी मजबूरी?

बिहार में वोटर लिस्ट को संशोधित करने के लिए चुनाव आयोग ने SIR (Special Intensive Revision) अभियान चलाया गया. विपक्षी दलों का आरोप है कि इसके जरिये वैलिड वोटर्स का नाम हटाने का काम किया गया. चुनाव आयोग ने हालांकि इसपर सख्त आपत्ति जताते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है. ये सब घटनाक्रम ऐसे वक्त में हुआ, जब बिहार में विधानसभा चुनाव होना है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आरजेडी लीडर तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के तमाम नेता ‘वोट चोरी’ जैसा गंभीर आरोप लगा रहे हैं.इन सबके बीच, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इंडिया ब्लॉक को एकजुट करने की कवायद के तहत राहुल और तेजस्वी की अगुआई में बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’निकाली जा रही है. इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और तेलंगान के सीएम रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं ने शिरकत की. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी राहुल-तेजस्वी की वोटर अधिकार यात्रा का हिस्सा बने. पर विपक्षी गुट की धाकड़ नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस यात्रा से अभी तक दूरी बनाए हुए हैं.
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी विपक्ष की ताकतवर नेता हैं, ऐसे में वोटर अधिकार यात्रा में उनका शिरकत न करना कई तरह के सवाल पैदा करते हैं. हालांकि, अब यह खबर सामने आई है कि सीएम ममता ने इस यात्रा में टीएमसी का प्रतिनिधित्व करने के लिए दो नेताओं को नामित किया है. इनमें से एक हैं यूसुफ पठान और दूसरे हैं ललितेश त्रिपाठी. यूसुफ पठान बहरामपुर सीट से सांसद हैं, वहीं ललितेश त्रिपाठी तृणमूल कांग्रेस की नेशनल वर्किंग कमेटी के मेंबर हैं. अब ये दोनों नेता वोटर अधिकार यात्रा में ममता बनर्जी की पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे. तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की यह यात्रा तकरीबन आधा सफर तय कर चुकी है. तृणमूल कांग्रेस अब जाकर इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रही है.
पश्चिम बंगाल में भी अगले साल चुनाव
दिलचस्प बात यह है कि पश्चिम बंगाल में भी वोटर लिस्ट को अपडेट करने का प्रयास चल रहा है. पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कोलकाता की रैली में बीजेपी, चुनाव आयोग और वामपंथी दलों पर जमकर निशाना साधा था. ममता बनर्जी ने कहा था कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों को धमका रहा है, जबकि उसका अधिकार क्षेत्र केवल चुनाव के दौरान तीन महीने का है. ममता ने बंगाल की जनता से आह्वान करते हुए कहा कि अगर कोई सर्वे करने आए तो कोई जानकारी न दें. अपना आधार कार्ड तैयार रखें. दरअसल, पश्चिम बंगाल में भी अगले साल (2026) विधानसभा चुनाव होने हैं. प्रदेश में टीएमसी का भाजपा से सीधा मुकाबला है. बंगाल की सीएम भी चुनाव आयोग पर लगातार आरोप लगाती रही हैं.
बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा में इंडिया ब्लॉक के एक और दिग्गज नेता ने हिस्सा लिया. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव शनिवार 30 अगस्त 2025 को बिहार वोटर अधिकार यात्रा में शरीक हुए. इस तरह अब अखिलेश यादव की भी इस यात्रा में एंट्री हो चुकी है. चुनाव आयोग की ओर से कथित तौर पर 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में शुरू हुई वोटर अधिकार यात्रा अब अंतिम चरण में है. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यह यात्रा सारण से शुरू हुई. सपा प्रमुख अखिलेश यादव शनिवार सुबह पटना से सीवान पहुंचे.यहां से वह राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, रोहिणी आचार्य समेत इंडिया गठबंधन के सीनियर लीडर्स और कार्यकर्ताओं के साथ वोटर अधिकार यात्रा में शामिल हुए. बता दें कि राहुल और तेजस्वी की अगुआई में निकाली जा रही इस यात्रा को विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है.



