सीपी राधाकृष्णन कौन हैं? जिन्हें NDA ने उपराष्ट्रपति कैंडिडेट बनाया, PM मोदी ने खुद लगाई नाम पर मुहर

महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की. तमिलनाडु के ताल्लुक रखने वाले चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के 24वें और वर्तमान राज्यपाल हैं. नड्डा ने कहा, “हमने एनडीए में शामिल सभी दलों के साथ चर्चा की और उनसे सुझाव भी मांगे गए. इसके बाद सभी ने एनडीए के प्रत्याशी के रूप में सीपी राधाकृष्णन के नाम को मंजूरी दी
20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे सीपी राधाकृष्णन ने सिर्फ 16 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और जनसंघ से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया. आगे चलकर उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया. 1996 में वह बीजेपी तमिलनाडु के सचिव नियुक्त हुए. इसके बाद 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए. वह तमिलनाडु में 2003 से 2006 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
इसके अलावा, 2004 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में संसदीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में भाषण दिया और ताइवान की पहली संसदीय यात्रा में भी शामिल हुए थे. महाराष्ट्र के राज्यपाल का पद संभालने से पहले सी. पी. राधाकृष्णन 18 फरवरी 2023 से 30 जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल भी रहे. इस दौरान उनके पास मार्च 2024 से जुलाई/अगस्त 2024 तक तेलंगाना और पुदुचेरी का अतिरिक्त प्रभार भी था.
उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर को
उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है. यदि विपक्ष भी अपने उम्मीदवार की घोषणा करता है, जिसकी प्रबल संभावना है, तो नौ सितंबर को चुनाव होगा. एनडीए को निर्वाचक मंडल में पूर्ण बहुमत हासिल है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं. मुकाबले की स्थिति में सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार की जीत तय है.
एनडीए का पलड़ा भारी
दरअसल, निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 781 है, जिसमें सत्तारूढ़ राजग को कम से कम 422 सदस्यों के समर्थन के साथ बढ़त हासिल है. उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी व्हिप लागू नहीं होता क्योंकि इसमें गुप्त मतदान होता है. जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने के कारण यह चुनाव कराना पड़ रहा है.


