मुरादाबाद

84 जख्म और एक कातिल भाई… आईटी इंजीनियर हिमशिखा मर्डर केस में बड़ा खुलासा!

84 जख्म और एक कातिल भाई… आईटी इंजीनियर हिमशिखा मर्डर केस में बड़ा खुलासा

मुरादाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने भाई-बहन जैसे पवित्र रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया। शहर की बुद्धि विहार कॉलोनी में 25 वर्षीय युवती हिमशिखा, जो गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थी, की उसके ही सगे भाई हार्दिक ने बेरहमी से हत्या कर दी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपनी बहन पर चाकू से एक-दो नहीं, बल्कि 84 बार वार किए थे। इस वारदात की क्रूरता ने डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है।

शरीर का कोई हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा
घटना के बाद मझोला थाना पुलिस ने दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। करीब दो घंटे तक चली इस प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, हिमशिखा के गर्दन, हाथ, पैर, पेट, छाती, कंधे, चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए गए थे। डॉक्टरों ने पाया कि हमले की वजह से उसका लिवर, किडनी और दिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। फेफड़े फट गए थे और कई पसलियां टूट चुकी थीं।

गर्दन पर भी चार गहरे जख्म पाए गए। डॉक्टरों के अनुसार हमला इतना हिंसक था कि शरीर का कोई भी हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा था।

‘मम्मी घर चलो, सरप्राइज देना है’
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर इस वारदात से पहले आरोपी हार्दिक अपनी मां नीलिमा के पास पहुंचा, जो एक निजी बीमा कंपनी में ब्रांच असिस्टेंट मैनेजर हैं। वह सामान्य व्यवहार करते हुए बोला “मम्मी घर चलो, आपको एक सरप्राइज देना है।”

मां को लगा कि घर पर बच्चों ने कुछ खास प्लान किया होगा। वह बेटे के साथ कार से घर पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, सामने फर्श पर उनकी बेटी हिमशिखा की खून से लथपथ लाश पड़ी थी और कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था।

मां पर भी किया हमला
नीलिमा की चीख निकलने से पहले ही आरोपी ने उन पर भी चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में उनके कंधे, सीने और उंगलियों पर छह गहरे घाव आए। हालांकि, किसी तरह वह अपनी जान बचाकर वहां से निकलने में सफल रहीं।

इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि हत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

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