40 विदेश यात्राएं कीं और 30 साल तक BARC का फर्जी वैज्ञानिक बना रहा अख्तर कुतुबद्दीन, मुंबई पुलिस ने पकड़कर किया गिरफ्तार

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 30 वर्षों से खुद को भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) का वैज्ञानिक बताकर घुमता रहा। आरोपी का नाम अख्तर हुसैन कुतुबद्दीन अहमद (60) है। पुलिस को उससे कई जाली दस्तावेज, नकली BARC आईडी कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, अख्तर ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर कम से कम 40 बार विदेश यात्रा की है। उसके पास से 14 परमाणु केंद्र के नक्शे और संवेदनशील परमाणु डाटा भी मिले हैं। जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि उसने किसी विदेशी एजेंसी को यह जानकारी तो नहीं दी। इसके साथ ही, अख्तर के कई फर्जी नाम भी मिले हैं, जिनमें “अली रजा हुसैनी” और “एलेक्जेंडर पामर” शामिल हैं।
साल 2004 में भी अख्तर को दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था, जहां उसे भारतीय परमाणु कार्यक्रम की जानकारी बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह जमानत पर छूट गया था। अभी पुलिस उसकी अंतरराष्ट्रीय कॉल्स और नेटवर्क की जांच कर रही है।
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण क्राइम ब्रांच समेत कई केंद्रीय एजेंसियां जांच में लगी हैं। आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस को इस फर्जी वैज्ञानिक द्वारा हुई जासूसी की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है।



