सैनिक परिवारों को मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता

*राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुरू की वीर परिवार सहायता योजना*
*गोंडा*
देश की सेवा में तैनात सैनिकों को अब उनके निजी कानूनी मामलों में कानूनी सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सेवारत व सेवानिवृत्त हो चुके सभी सैनिकों और उनके परिवार को मुफ्त कानूनी मदद उपलब्ध कराने के लिए वीर परिवार सहायता योजना का शुभारंभ किया गया है। यह बातें अपर जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दानिश हसनैन ने सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास केन्द्र में लीगल एड क्लीनिक के उद्घाटन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि यह योजना सैन्य परिवारों को विधिक सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सीमा पर डटे हमारे सैनिकों को इस बात का भरोसा होना चाहिए कि उनके पीछे उनके परिवार को हर आवश्यक कानूनी सलाह व सहायता मिलेगी। विधिक सेवा प्राधिकरण इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सैनिकों को कानूनी समस्याओं से जूझने के लिए अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के डिफेंस काउंसिल बृजलाल तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई गई वीर परिवार सहायता योजना के अंतर्गत देश के सभी राज्य, जिला एवं तहसील स्तर के सैनिक कल्याण केंद्रों पर लीगल एड क्लीनिक स्थापित की जा रही है। जिसका उद्देश्य सेना के जवान, पूर्व सैनिक तथा उनके आश्रितों को किसी भी प्रकार के सिविल, आपराधिक, पारिवारिक, वित्तीय लेनदेन और अन्य किसी भी प्रकार के मुकदमों में मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी सौरभ टंडन ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल सैनिकों, पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों के लिए कानूनी क्षेत्र में आशा की किरण है। उन्होंने इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिवक्ता अविनाश चंद्र श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र के डॉ आनंद कुमार मिश्रा सहित कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे।



