ये कैसा जिहाद… ये पूछते-पूछते दम तोड़ गई मां, आतंकी बेटा कंधा देने भी नहीं आया

Jammu-Kashmir News: जाना बेगम की अधूरी इच्छा उनके साथ ही दफन हो गई. वह अकेली नहीं हैं, जिन्हें आखिरी वक्त में बेटे की एक झलक भी नसीब नहीं हुई. उनकी जैसी अनगिनत माताएं हैं, जो अपने भटके हुए अपने बच्चों का इंतजार करती ही रह गईं. लेकिन बच्चों ने ममता के ऊपर आतंक को चुना.
जम्मू-कश्मीर:
“बेटा वापस आ जाओ, मेरा ख्याल रखना, और अगर मैं मर जाऊं तो मुझे कंधा देना. मैंने बहुत दुख सहा है. यह किस तरह का जिहाद है, जहां माता-पिता को छोड़ दिया जाता है?” जाना बेगम की ये भावुक अपील भी काम नहीं आई. बेटा मां की मौत के बाद कंधा देने भी नहीं आया. सवाल ये है कि क्या कोई भी वजह बेटे को मां को कंधा देने से रोक सकती है? बेटा कितना भी मजबूर क्यों न हो मां के अंतिम वक्त में आने की कोशिश जरूर करता है. लेकिन जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में जाना बेगम की अंतिम इच्छा अधूरी ही रह गई. वह अपने जिगर के टुकड़े को देखना चाहती थी लेकिन बेटा आया ही नहीं.



