शेखर हत्याकांड: फफक पड़ी मां, भाइयों का जेल में पता मुलाहिजा बैरक, चारों दोषियों के चेहरों का उड़ गया रंग!

शेखर हत्याकांड: फफक पड़ी मां, भाइयों का जेल में पता मुलाहिजा बैरक, चारों दोषियों के चेहरों का उड़ गया रंग.
कानून के कठघरे में खड़े दोषियों के चेहरे पर मृत्युदंड की सजा सुनते ही हवाईयां उड़ने लगी। मुकेश उर्फ बिट्टो फफक पड़ी। उसकी तीनों बेटे चुप रहे। सजा के बाद हवालात पहुंचे तो यहां भी उदास नजर आए। जेल में तीनों भाइयों को मुलाहिजा बैरक में रखा गया है।
असल में अभियुक्तों पर 22 अप्रैल को दोष सिद्ध कर दिया गया था। छह दिन मुकेश महिला कारागार में बंद थी, जबकि तीनों भाई मुख्य जेल में बंद थे। कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को चारों अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने दंडादेश का 15 पेज का फैसला पढ़ा। इस दौरान दोषियों के चेहरों पर अलग-अलग भाव उभरते रहे। मृत्युदंड की सजा सुनते ही मुकेश बेहद हताश हुई। कठघरे में ही फफक पड़ी। सजा के बाद सुरक्षा के बीच दोषियों को कचहरी परिसर स्थित हवालात ले जाया गया।
देर शाम करीब छह बजे जिला कारागार पहुंचे। मुकेश को अन्य महिला बंदियों के साथ रखा गया है। जबकि तीनों भाई दस दिन के लिए मुलाहिजा बैरक में रहेंगे।
अदालत में रही सुरक्षा, चेकिंग अभियान
अदालत परिसर में चेकिंग अभियान चलाया गया। मुख्य गेट पर पुलिस ने आने जाने वाले लोगों की तलाशी ली। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर भी पुलिस ने गश्त की।
वादी से जिरह के लिए दिया था प्रार्थनापत्र
प्रकरण की पत्रावली कोर्ट नंबर तीन में ट्रांसफर होकर आई तो बचाव पक्ष की ओर से वादी राजबाला वर्मा से जिरह के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया। सेशन न्यायालय ने यह प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया था। इसके बाद बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। मृतक शेखर की क्राइम हिस्ट्री पर जिरह की बात कही थी। यहां भी अभियुक्तों को राहत नहीं मिली थी।



