शिक्षा माफिया स्वयं प्रकाश शुक्ला की उल्टी गिनती शुरू, अब गैंगस्टर एक्ट में नाम दर्ज

*गोंडा*
गोंडा शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर वर्षों से फर्जीवाड़ा और ठगी का काला धंधा चला रहे कुख्यात शिक्षा माफिया स्वयं प्रकाश शुक्ला की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आधा दर्जन से अधिक मुकदमों में वांछित चल रहा स्वयं प्रकाश अब कोतवाली नगर के गैंगस्टर एक्ट सूची में भी शामिल कर लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक स्वयं प्रकाश शुक्ला गोंडा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में फर्जी नियुक्तियों की “दुकान” चला रहा था। शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर उसने संगठित गिरोह बनाकर सैकड़ों बेरोजगार युवाओं से लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की।
बताया जा रहा है कि इस गैंग में अवधेश शुक्ला समेत कई शातिर सदस्य शामिल हैं, जिनका नेटवर्क प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ है। ठगों का यह गिरोह फर्जी दस्तावेज, कूटरचित नियुक्ति पत्र और विभागीय मिलीभगत के जरिए लोगों को जाल में फंसाता था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यूपी के चर्चित “अनामिका केस” का मास्टरमाइंड भी स्वयं प्रकाश शुक्ला ही था। एक ही नाम की अनामिका शुक्ला 25 जिलों में नौकरी कर रही थी, जिसने पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। अब यूपी पुलिस शिक्षा माफिया स्वयं प्रकाश शुक्ला और उसके गुर्गों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और ठगी के शिकार लोगों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। शिक्षा के नाम पर लूट करने वालों पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है और अब बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है।



