जम्मू कश्मीर

वैष्णो देवी में हादसा, आंखों के सामने पहाड़ निगल गया 6 जिंदगियां, बिलख रहा परिवार

जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित माता वैष्णो देवी धाम में उस वक्त हाहाकार मच गया जब अर्धकुमारी के पास बादल फटने के बाद भयानक भूस्खलन हुआ. पहाड़ से टूटकर आया मलबा और पत्थरों का ढेर श्रद्धालुओं पर इस कदर बरसा कि कुछ ही मिनटों में दर्जनों लोग मलबे में दब गए. मंदिर की ओर बढ़ रहे कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं. श्रद्धा और भक्ति की यात्रा पर निकले लोगों के लिए यह हादसा जीवन का सबसे दर्दनाक सच बन गया.

इस त्रासदी का असर बिहार के समस्तीपुर जिले में भी हुआ. जिले के कल्याणपुर प्रखंड के झहुरी गांव के रहने वाले चंद्रदीप राय का परिवार इस यात्रा पर गया था. उनके बेटे मनोहर राय अपने पूरे परिवार और रिश्तेदारों के साथ 24 अगस्त को वैष्णो देवी की यात्रा के लिए निकले थे. इस यात्रा में 15 से 16 सदस्य शामिल थे, सभी श्रद्धा से ओत-प्रोत होकर मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचे थे. लेकिन किसे पता था कि मां के दरबार तक पहुंचने से पहले ही मौत का पहाड़ उन पर टूट पड़ेगा.

बेटी की मौत, बेटा अस्पताल में भर्ती

26 अगस्त को हुए हादसे के समय यह पूरा परिवार भी अर्धकुमारी के पास मौजूद था. भूस्खलन इतना तेज था कि चारों ओर अफरा-तफरी मच गई. देखते ही देखते भारी-बड़े पत्थरों और मिट्टी का ढेर नीचे गिरने लगा. चीख-पुकार और भगदड़ के बीच कई लोग दब गए. मनोहर राय और उनकी पत्नी किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन उनकी नन्ही बेटी तानिया की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं उनका बेटा ध्रुव पटेल गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है.

टोली के कुल छह लोगों की मौत

मनोहर राय की साली, साढ़ू और उनके परिवार के कई सदस्य भी इस यात्रा में शामिल थे. इस पूरे हादसे में झहुरी गांव की इस टोली के छह लोगों की मौत हो गई है. कुछ अब भी अस्पताल में इलाजरत हैं तो कुछ के बारे में कोई खबर नहीं मिल पा रही है. लापता लोगों की तलाश में प्रशासन और रेस्क्यू टीम लगातार जुटी हुई है. गांव में मातम पसरा हुआ है. मनोहर राय और उनका परिवार बदहवास है. रिश्तेदारों की मौत और बच्चों की हालत देखकर उनके आंसू थम नहीं रहे. गांव के लोग भी गमगीन हैं. जिन परिवारों ने मिलकर खुशी-खुशी यात्रा की तैयारी की थी, अब उन्हीं घरों में सन्नाटा है.

मजदूरी करते थे कुछ लोग

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परिवार कई वर्षों से गाजियाबाद में रहकर मजदूरी करता था. मेहनत से जोड़ा पैसा खर्च कर मां के दरबार जाने का सपना पूरा करने निकले थे. लेकिन नियति ने कुछ और ही लिख रखा था. परिवार ने सरकार से अपील की है कि लापता लोगों के बारे में जल्द जानकारी दी जाए और इलाजरत लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए.

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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