लाश ठिकाने लगाने की कोशिश में ब्लास्ट, कैसे खुला मुजफ्फरपुर ब्लू ड्रम राज?

लाश ठिकाने लगाने की कोशिश में ब्लास्ट, कैसे खुला मुजफ्फरपुर ब्लू ड्रम राज?
जफ्फरपुर में वर्ष 2021 के बहुचर्चित ‘ब्लू ड्रम कांड’ मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे-16 की कोर्ट ने मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा को आजीवन कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला एडीजे-16 प्रभात कुमार की अदालत ने सुनाया।
अपर लोक अभियोजक (एपीपी) अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि सितंबर 2021 में सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट मोहल्ले में एक घर से विस्फोट और आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम को घर के अंदर एक क्षतिग्रस्त नीले रंग के ड्रम से शव बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि शव के टुकड़े कर उसे केमिकल्स के साथ ड्रम में रखा गया था।
रसायनों के रिएक्शन से हुआ खुलासा
जांच के दौरान पता चला कि मृतक राकेश सहनी की हत्या उसकी पत्नी और उसके प्रेमी सुभाष शर्मा ने मिलकर की थी। शव को छिपाने के इरादे से उसे कई टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में रखा गया और नमक, ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल समेत अन्य रसायन डाले गए थे। हालांकि, 18 सितंबर 2021 की रात रसायनों के आपसी रिएक्शन से ड्रम में विस्फोट हो गया, जिससे पूरा मामला उजागर हो गया।
परिवार के बयान पर दर्ज हुई थी एफआईआर
घटना के अगले दिन, 19 सितंबर 2021 को मृतक के भाई दिनेश सहनी के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी राधा देवी, उसकी बहन कृष्णा देवी, साढ़ू विकास कुमार और सुभाष शर्मा को आरोपी बनाया गया था।
राज्य के सबसे सनसनीखेज मामलों में शामिल
सितंबर 2021 में सामने आया यह ब्लू ड्रम कांड बिहार के सबसे सनसनीखेज आपराधिक मामलों में गिना गया। राकेश सहनी दिल्ली में काम करते थे, जबकि उनका परिवार मुजफ्फरपुर के बालूघाट इलाके में किराए के मकान में रहता था। जांच में यह भी सामने आया कि राकेश की पत्नी के सुभाष शर्मा से प्रेम संबंध थे और दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। सबूत मिटाने के लिए शव को 13 टुकड़ों में काटकर नीले प्लास्टिक ड्रम में रखा गया और केमिकल्स डाले गए थे। .



