लता मंगेशकर के गुरु खेमचंद प्रकाश का दर्दनाक अंत, निधन के बाद पत्नी रेलवे स्टेशन पर भीख मांगती मिली

लता मंगेशकर के गुरु और संगीतकार खेमचंद प्रकाश का 1950 में मात्र 42 वर्ष की आयु में लिवर सिरोसिस से निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिवार बर्बाद हो गया और पत्नी श्रीदेवी मलाड रेलवे स्टेशन पर भीख मांगती पाई गई।
खेमचंद प्रकाश का योगदान
खेमचंद प्रकाश ने लता मंगेशकर को फिल्म ‘महल’ और ‘जिद्दी’ में ब्रेक दिया, जहां ‘आएगा आने वाला’ गाने से लता मशहूर हुईं। उन्होंने किशोर कुमार, मन्ना डे और नौशाद जैसे कलाकारों को भी मार्गदर्शन प्रदान किया। फिल्म ‘महल’ की सफलता का जश्न मनाए बिना उनका देहांत हो गया।
परिवार की दुर्दशा
निधन के बाद पत्नी और बेटी चंद्रकला को उद्योग से कोई सहायता नहीं मिली, जिससे उन्हें गरीबी झेलनी पड़ी। जावेद अख्तर ने 2012 में राज्यसभा में कॉपीराइट बिल के दौरान यह दर्दनाक किस्सा साझा किया, कहा कि 13,000 रुपये बकाया लेने गए तो पत्नी स्टेशन पर भीख मांग रही थी। यह घटना संगीतकारों की रॉयल्टी की कमी को उजागर करती है।



