रेल अधिकारी अब नहीं पहनेंगे अंग्रेजों के जमाने का काला कोट, सरकार ने लिया बड़ा फैसला l

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे अधिकारियों के लिए औपनिवेशिक काल के काले कोट की पोशाक को समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कर्मचारियों से औपनिवेशिक सोच छोड़कर नवाचार, तकनीक और भारतीय समाधानों पर भरोसा बढ़ाने का आह्वान किया l
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों से औपनिवेशिक सोच को पूरी तरह पीछे छोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि अंग्रेजों के जमाने का बंद गले का काला शूट अब रेलवे का औपचारिक पोशाक नहीं रहेगा। यह पहनावा अंग्रेजों ने शुरू किया था और अब आज से इसे समाप्त किया जा रहा है।
यह ड्रेस अब तक निरीक्षण, परेड, विशेष अवसरों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पहनी जाती थी। हालांकि ग्रुप-डी, ट्रैकमैन एवं तकनीकी स्टाफ पर यह लागू नहीं थी।
रेलमंत्री शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान विशिष्ट कार्यों के लिए रेलवे के सौ अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया। रेलमंत्री ने कहा कि औपनिवेशिक मानसिकता को खोज-खोजकर पूरी तरह हटाना होगा। चाहे वह काम करने का तरीका हो या पहनावा।
उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों और समाधानों पर भरोसा बढ़ाना होगा। गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना होगा और भारत में विकसित तकनीक को दुनिया तक पहुंचाना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा कार्यबल, नवाचार एवं आत्मविश्वास के साथ भारतीय रेल 2047 तक विकसित भारत की यात्रा का मजबूत स्तंभ बनेगी।रेलमंत्री ने वर्ष 2026 के लिए रेलवे के छह बड़े संकल्प भी सामने रखे।



