देवीपाटन मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापन, कर्नलगंज का नाम “सूकरखेत” करने की मांग

*गोण्डा*
अवध संस्कृति उत्कर्ष समिति भारत ने देवीपाटन मण्डल के आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर नगर कर्नलगंज का नाम परिवर्तित कर उसके ऐतिहासिक एवं पौराणिक नाम “सूकरखेत” किए जाने की मांग की है। समिति ने ज्ञापन के माध्यम से कर्नलगंज एवं तरबगंज विधानसभा क्षेत्रों में स्थित पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को सम्मिलित करते हुए इस पूरे क्षेत्र को “सूकरखेत तीर्थ क्षेत्र” घोषित करने का भी आग्रह किया।
ज्ञापन में समिति ने कहा कि कर्नलगंज नाम अंग्रेजी शासनकाल की देन है। वर्ष 1856 ई. में अंग्रेज कमिश्नर कर्नल बिंग फील्ड द्वारा तत्कालीन नवाब वाजिद अली शाह की चौकी पर अधिकार कर नगर का नाम अपने पदनाम पर “कर्नलगंज” रखा गया, जो भारतीय संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक चेतना से मेल नहीं खाता।
समिति का कहना है कि उक्त अंग्रेज अधिकारी के शासनकाल में स्थानीय जनमानस पर अत्याचार हुए तथा अनेक लोगों को गुलाम बनाकर विदेश भेजा गया, जिनके वंशज आज भी सूरीनाम और मॉरिशस जैसे देशों में निवास करते हैं। ऐसे औपनिवेशिक इतिहास से जुड़ा नाम आज भी जनभावनाओं को आहत करता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह क्षेत्र प्राचीन काल से “सूकरखेत” के नाम से विख्यात रहा है और इसका संबंध भगवान विष्णु के वाराह अवतार से जुड़ा हुआ माना जाता है। यह भूमि ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही है, जिससे इसका पौराणिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अवध संस्कृति उत्कर्ष समिति ने माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज से जनभावना, सांस्कृतिक गौरव एवं ऐतिहासिक न्याय को ध्यान में रखते हुए नगर कर्नलगंज का नाम परिवर्तित कर “सूकरखेत” किए जाने तथा क्षेत्र को “सूकरखेत तीर्थ क्षेत्र” घोषित करने की मांग की है। समिति को विश्वास है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को उचित सम्मान मिलेगा।
इस अवसर पर समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश कुमार सिंह ने कहा कि कर्नलगंज का वर्तमान नाम हमारी संस्कृति और पौराणिक इतिहास से मेल नहीं खाता, जबकि “सूकरखेत” नाम क्षेत्र की वास्तविक ऐतिहासिक पहचान को स्थापित करता है।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान प्रबंध कार्यकारिणी सदस्य जानकी शरण द्विवेदी, बार एसोसिएशन गोण्डा के अध्यक्ष राम बुझारथ द्विवेदी, महामंत्री संजय कुमार सिंह, भगवती प्रसाद पाण्डेय, परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, हिन्दू युवा वाहिनी के आनंद सिंह एवं सी.पी. बाबा सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समिति ने बताया कि इस मांग को दर्जनों संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी गोण्डा तथा उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह को भी भेजी गई है।



