यूपी-बिहार की लड़कियां किचन में और दक्षिण भारत की स्कूल में, डीएमके सांसद मारन के बयान पर क्या कहता है डेटा

लड़कियों की शिक्षा और रोजगार पर डीएमके सांसद दयानिधि मारन के बयान पर हंगामा मचा हुआ है. आइए जानते हैं कि इस मामले में आकड़े क्या गवाही दे रहे हैं.
नई दिल्ली:
तमिलनाडु में सरकार चला रही डीएमके के सांसद दयानिधि मारन के एक बयान ने विवाद पैदा कर दिया है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि उत्तर भारत में लड़कियों को घरों में ही रोक लिया जाता है, उनसे घरेलू काम कराए जाते हैं, उन्हें नौकरी नहीं करने दिया जाता है. उनका कहना था कि उत्तर भारत में लड़कियां घर में ही रहती हैं और किचन का काम करती हैं. लेकिन दक्षिण भारत में हम लड़कियों को पढ़ने और करियर बनाने के बढ़ावा दिया जाता है. मारन चेन्नई के कैद-ए-मिल्लत महिला विद्यालय के एक समारोह को संबोधित कर रहे थे. आइए हम आपको ग्राफ के जरिए बताते हैं कि दक्षिण भारत के तमिलनाडु और उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश स्कूली शिक्षा का क्या हाल है. स्कूलों में लड़कियों की संख्या और लड़कियों का ड्राप आउट रेट क्या है



