
पाकिस्तान, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के तहत भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। उल्फा के प्रमुख परेश बरुआ को चीन से लाकर ढाका में बसाने की योजना बनी है, जो भारत के लिए एक नई सुरक्षा चुनौती प्रस्तुत करती है।
पाकिस्तान भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अशांति फैलाने की पुरानी रणनीति को फिर से जीवित करने की कोशिश में जुट गया है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) शेख हसीना के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के दौर में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पाकिस्तान की रणनीति पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद को फिर से जिंदा करने की है। इस कड़ी में सबसे बड़ा नाम है यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा-आई) के प्रमुख परेश बरुआ का। पाकिस्तान बरुआ को चीन से लाकर ढाका में बसाने की योजना बना रहा है।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद भारत के साथ संबंधों में तनाव बढ़ा है। मामले से परिचित लोगों के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना और आईएसआई ने बांग्लादेश में मौजूदा अंतरिम व्यवस्था के तहत अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। आरोप है कि पाकिस्तान बांग्लादेश के फरवरी में प्रस्तावित चुनावों में कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी को परोक्ष समर्थन दे रहा है, ताकि भविष्य में उसके अनुकूल सरकार बन सके।



