ICC ने मान ली पाकिस्तान की बात, भारत को करारा झटका, सांप मर गया-लाठी भी नहीं टूटी

एशिया कप में जारी विवाद के बीच आईसीसी यानी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने ऐसा बीच का रास्ता निकाला है, जिससे सांप भी मर जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी. दूसरे शब्दों में कहे तो जिससे पाकिस्तान की नाराजगी भी खत्म हो जाएगी और आईसीसी की साख भी कोई बट्टा भी नहीं लगेगा.
दरअसल, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की डिमांड थी कि मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को एशिया कप से हटा दिया जाए. आईसीसी ने इसे सिरे से नकार दिया था, लेकिन ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक मिलाजुला समझौता हुआ है, जो न तो पूरी तरह सख्त है और न पूरी तरह ढीला. जिसके तहत 69 वर्षीय मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को आज शाम यूएई के खिलाफ टीम के आखिरी ग्रुप स्टेज मैच से हटा दिया गया है
पाकिस्तान के मैच में नहीं होंगे पाइक्रॉफ्ट
अब वह पाकिस्तान से जुड़े मैचों में रेफरी नहीं होंगे और रिची रिचर्डसन को उनके जरूरी मैच में रेफरी की भूमिका निभाने के लिए बुलाया जाएगा. हालांकि इसकी ऑफिशियल घोषणा नहीं हुई है. इससे पहले काफी मान-मनौव्वल के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने मैच से हटने की अपनी धमकी वापस ले ली थी और आज यूएई के खिलाफ मैच खेलने के लिए हामी भरी थी.
पाइक्रॉफ्ट को क्यों हटाना चाहता था पीसीबी?
पीसीबी ने क्रिकेट की भावना से जुड़े एमसीसी के नियम और आईसीसी आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर मैच रैफरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. पीसीबी ने मैच रेफरी को एशिया कप से तुरंत हटाने की मांग की थी. पीसीबी ने कहा था कि पाइक्रॉफ्ट ने पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से टॉस के समय कहा था कि भारतीय कप्तान से हाथ नहीं मिलाए. इतना ही नहीं पाकिस्तानी टीम के मैनेजर नवीद चीमा ने एशियन क्रिकेट काउंसिल से ये भी शिकायत की थी कि पाइक्रॉफ्ट के कहने पर दोनों कप्तानों ने टीमशीट का आदान प्रदान भी नहीं किया.
पहलगाम हमले के जिक्र से पाकिस्तान को लगी मिर्ची
मैच के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हैंडशेक नहीं किया. इसके बाद सूर्यकुमार यादव ने बयान दिया कि ये जीत जम्मू कश्मीर के पहलगाम में शहीद हुए 26 बेकसूर लोगों और भारतीय सशस्त्र सेनाओं को समर्पित है. बस फिर क्या था पीसीबी ने आईसीसी के नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए पाइक्रॉफ्ट को टूर्नामेंट से हटाने की मांग कर डाली.



