गोंडा

मंडल मुख्यालय पर विशेष महिला जनसुनवाई: 14 महिलाओं ने रखीं अपनी समस्याएं

*आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया संज्ञान,दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश*

*महिला अस्पताल में लापरवाही का आरोप, नवजात की हालत बिगड़ने पर पीड़ित ने न्याय और कार्रवाई की लगाई गुहार*

*गोण्डा*

देवीपाटन मंडल में महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संचालित “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” कार्यक्रम के तहत सोमवार को मंडल मुख्यालय पर विशेष महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने की। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को प्रशासन के उच्च स्तर तक सीधे अपनी समस्याएं रखने का अवसर देना और उनकी शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। इस विशेष जनसुनवाई में 14 महिलाएं शामिल हुईं, उन्होंने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक व राजस्व से संबंधित समस्याएं विस्तार से आयुक्त के समक्ष रखीं। आयुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का निस्तारण अधिकतम दो सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” महिलाओं को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच है। यह पहल महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता पर निस्तारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।” इस दौरान अपर आयुक्त न्यायिक देवीपाटन, मीनू राणा भी उपस्थित रहीं।

महिला अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, नवजात की हालत बिगड़ी

जनसुनवाई में कई गंभीर मामलों को भी महिलाओं ने रखा। पूरे मछरहिया निवासी कोमल ने महिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना था कि एक अक्टूबर को जन्मे बीमार नवजात को भर्ती करने के बाद दवा व सुई देने के नाम पर पैसों की मांग की गई। पैसे न देने पर बच्चे को समय से इलाज नहीं मिला, जिसके चलते उसकी हालत बिगड़ गई और उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। प्रार्थी ने दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई और क्षतिपूर्ति की मांग की।

सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा, दो वर्ष से प्रभावित आवागमन

चांदपुर गांव की निवासी लक्ष्मी तिवारी ने शिकायत की कि उनके घर के आने-जाने वाले सार्वजनिक रास्ते पर पिछले दो वर्षों से विपक्षियों ने कब्जा कर लिया है। उनके अनुसार, इस मामले में ग्राम प्रधान की भी मिलीभगत है। उन्होंने बताया कि पूर्व जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी से जांच कराई थी, जिसमें कब्जा सही पाया गया और रास्ता खाली कराने की संस्तुति भी की गई, लेकिन स्थानीय लेखपाल और ग्राम प्रधान द्वारा गलत रिपोर्टें भेजने के कारण आदेश का पालन नहीं हो सका। लक्ष्मी तिवारी ने फिर से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि सार्वजनिक मार्ग मुक्त कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आवागमन सुचारू हो सके।

दस वर्षों से चकमार्ग कब्जे में, कार्रवाई न होने पर महिला परेशान

मनकापुर के ग्राम सैदापुर निवासी ऊषा देवी ने मंडलायुक्त से चकमार्ग गाटा संख्या–404 को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की। उनका आरोप है कि विपक्षी ने एकमात्र रास्ते पर कब्जा कर पेड़ लगा दिए हैं, जिससे उनका आवागमन पूरी तरह बाधित है। ऊषा देवी ने कहा कि वह दस वर्षों से तहसील दिवस, थाना दिवस, जनसुनवाई और 1076 पर कई बार शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने हल्का लेखपाल सुनील प्रजापति और कानूनगो पर पक्षपात और अभद्रता का आरोप भी लगाया। पीड़िता ने रास्ता तत्काल खाली कराए जाने की मांग की।

सीमा चिन्ह उखाड़े, धमकियां दीं; सुरक्षा की मांग

कटरा बाजार क्षेत्र की शांति देवी ने भूमि विवाद में अपने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की। उनका आरोप है कि 14 जुलाई को राजस्व टीम द्वारा की गई पैमाइश के बाद लगे सीमा चिन्ह पत्थरों को विपक्षियों ने उखाड़कर हटा दिया। विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि रास्ते में गाड़ाबंदी कर उनकी आवाजाही भी बाधित की गई है। शांति देवी ने अपने और पुत्र की सुरक्षा तथा अभियोग दर्ज कराने की मांग की। आयुक्त ने सभी मामलों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान शीघ्र और प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/News Portal

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