ब्लूमबर्ग से रॉयटर्स तक: विदेशी मीडिया ने सराहा मोदी सरकार का ‘बैलेंसिंग एक्ट’, बताया- ‘शॉक प्रूफ’….

भारत सरकार ने शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए बेंगलुरु, सूरत और वाराणसी सहित सात शहरी आर्थिक क्षेत्र (सीईआर) स्थापित किए हैं. इनके लिए बजट में पांच साल में प्रति क्षेत्र 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है.
भारत ने अपना बजट 2026-27 घोषित कर दिया है. देश भर में इसको लेकर पॉजिटिव माहौल है. बजट आज के भारत की तैयारी को तो दिखाती ही है, भविष्य के भारत का रोडमैप न सिर्फ दिखाती है, बल्कि उसी पर चलती है. सेमीकंडक्टर, एआई और रेयर अर्थ मैटेरियल पर भारत सरकार गंभीर और असरदार निर्णय लेती हुई इस बजट के जरिए दिख रही है. दुनिया भर में माहौल को देखते हुए डिफेंस पर बजट बढ़ाना सरकार के इरादों को साफ-साफ बताता है. हालांकि, हम अपने ही बजट की कितनी ही तारीफें कर लें, मगर दुनिया अगर इसे दुनिया भी गंभीरता से ले तो जाहिर है उसकी अहमियत और ज्यादा समझ आती है. भारत के बजट पर दुनिया की सबसे बड़ी मीडिया और एजेंसी क्या कह रही हैं, यहां जानिए…



