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बीएचयू में नए साल के जश्न पर रोक, 31 को रात दस बजे के बाद होगी सख्ती, गाइडलाइन जारी l

बीएचयू प्रशासन ने छात्रों के नए साल पर सार्वजनिक स्थलों पर उत्सव मनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। शनिवार को छात्र अधिष्ठाता (DSW) और चीफ प्रॉक्टर की ओर से संयुक्त रूप से सभी संकायों, विभागों और छात्रावासों के लिए इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) प्रशासन ने नववर्ष 2026 के स्वागत समारोहों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय परिसर की शांति व्यवस्था, सुरक्षा और शैक्षणिक गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने छात्रों के सार्वजनिक स्थलों पर उत्सव मनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। शनिवार को छात्र अधिष्ठाता (DSW) और चीफ प्रॉक्टर की ओर से संयुक्त रूप से सभी संकायों, विभागों और छात्रावासों के लिए इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 31 दिसंबर की शाम से लेकर 1 जनवरी तक विश्वविद्यालय परिसर के किसी भी सार्वजनिक स्थल, जैसे—सिंह द्वार, विश्वनाथ मंदिर (VT) परिसर, मधुबन, लिम्बडी कॉर्नर या किसी भी सड़क पर छात्रों का समूह इकट्ठा होकर जश्न नहीं मना सकेगा।

छात्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे नववर्ष का उत्सव केवल अपने आवंटित छात्रावासों के भीतर ही सीमित रखें। यदि छात्रावास के भीतर रात 10 बजे के बाद किसी भी तरह का सांस्कृतिक या मंगल मिलन कार्यक्रम आयोजित करना है, तो उसके लिए संबंधित छात्रावास के वार्डेन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के देर रात तक शोर-शराबा या लाउडस्पीकर का प्रयोग करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की

चेतावनी दी गई है।

**सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की गश्त**

मुख्य आरक्षाधिकारी के अनुसार, नववर्ष की पूर्व संध्या पर परिसर में बाहरी तत्वों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए सिंह द्वार और अन्य द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की विशेष टीमें पूरी रात परिसर में गश्त करेंगी। यदि कोई छात्र सार्वजनिक स्थल पर हुड़दंग करते, तेज संगीत बजाते या नशे की हालत में पाया जाता है, तो उसे तुरंत हिरासत में लेकर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*अनुशासन बनाए रखने की अपील*

विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि ठंड के मौसम और परीक्षाओं की तैयारी के बीच शांति का वातावरण आवश्यक है। अक्सर सार्वजनिक स्थलों पर जश्न के दौरान बाहरी लोगों के हस्तक्षेप से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिसे देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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