फर्जी STF’ गैंग का पर्दाफाश: PAC जवान ही निकला मास्टरमाइंड, 20 लाख के प्राचीन सिक्के लूटे

*गोंडा*
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में कानून की वर्दी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। खुद को STF अधिकारी बताकर लूट करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस सनसनीखेज वारदात में लखनऊ पीएसी में तैनात एक जवान समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पीआरडी जवान सहित दो आरोपी अभी फरार हैं।
मंदिर निर्माण में निकला खजाना
17 दिसंबर को देहात कोतवाली क्षेत्र के ठाकुरापुर गांव में बाबा कुटी मंदिर के निर्माण के दौरान जेसीबी से खुदाई हो रही थी। इसी दौरान जमीन से एक प्राचीन कलश निकला। कलश खोलते ही उसमें 509 चांदी के दुर्लभ सिक्के पाए गए, जिनकी उम्र 1901 से पहले की बताई जा रही है।
मंदिर के महंत उपेंद्र सिंह उर्फ उपेंद्र बाबा ने सिक्कों की जानकारी पुलिस को नहीं दी और उन्हें अपने कब्जे में रख लिया।
सूचना लीक हुई, रची गई साजिश
कलश मिलने की खबर जब जेसीबी ठेकेदार हरिओम दुबे तक पहुंची, तो उसने यह जानकारी अपने साथी त्रिलोकी नाथ पांडेय को दे दी। इसके बाद लखनऊ की 35वीं पीएसी में तैनात जवान आलोक शुक्ला उर्फ सुधीर, गोंडा के पीआरडी जवान प्रदीप तिवारी और अन्य साथियों के साथ मिलकर सिक्कों को हथियाने की पूरी योजना बना डाली।
STF बनकर दिया वारदात को अंजाम
18 दिसंबर को आरोपी एक कार से बालपुर पहुंचे। महंत जब चांदी के सिक्कों से भरा कलश लेकर सब्जी खरीदने निकले, तो परसपुर मोड़ के पास उनकी कार रोक ली गई। आरोपियों ने खुद को STF अधिकारी बताया, फर्जी पहचान पत्र दिखाए और कार्रवाई का डर दिखाकर कलश अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने कसा शिकंजा
घटना के बाद महंत की सूचना पर देहात कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने
आलोक शुक्ला उर्फ सुधीर (PAC)
त्रिलोकी नाथ पांडेय
हरिओम दुबे
प्रिंस मिश्रा
राहुल यादव
मनोज मिश्रा
को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के पास से 431 प्राचीन चांदी के सिक्के, एक कलश, वारदात में इस्तेमाल कार और दो फर्जी पुलिस आईडी बरामद की गई हैं। सिक्कों की कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
दो आरोपी अब भी फरार
पुलिस के मुताबिक गिरोह इन सिक्कों को बेचने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही गिरफ्त में आ गया। वहीं, पीआरडी जवान प्रदीप तिवारी और जेसीबी चालक गोलू की तलाश जारी है।



