गुजरात विधानसभा का मानसून सत्र शुरू

गुजरात विधानसभा का मानसून सत्र 8 सितंबर से आरंभ हो गया है। यह सत्र तीन दिनों तक यानी 10 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। विपक्ष ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। खासकर, हाल में हुई बाढ़ और उससे प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।
इसके अलावा, गुजरात सरकार नई औद्योगिक नीति पर भी चर्चा करने वाली है, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश को आकर्षित करना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सत्र का महत्व इसलिए और भी बढ़ गया है क्योंकि विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने रखने का प्रयास करेगी।
दिल्ली में इसी दिन भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की 13वीं वार्ता शुरू हुई है। यदि यह समझौता आगे बढ़ता है तो गुजरात समेत पूरे देश की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों घटनाएं—गुजरात का सत्र और भारत–E



