नंदिनी नगर में राष्ट्रकथा का दूसरा दिन* : *वैदिक ज्ञान से लेकर AI तक दक्ष बनने का आह्वान*, *रितेश्वर महाराज ने दिया राष्ट्रबोध का संदेश

*गोंडा*
गोंडा जिले अंतर्गत नंदिनी नगर नवाबगंज स्थित नंदिनी निकेतनम परिसर में आयोजित राष्ट्र कथा महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को कथा स्थल राष्ट्रभक्ति, संस्कृति और समकालीन ज्ञान चेतना से ओत-प्रोत नजर आया। देश के प्रख्यात संत सद्गुरु श्री रितेश्वर जी महाराज के ओजस्वी उद्बोधन ने विद्यार्थियों, युवाओं और श्रद्धालुओं को वैचारिक रूप से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित किया।
राष्ट्रकथा के दौरान रितेश्वर महाराज ने कहा कि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य की नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से वैदिक ज्ञान की जड़ों को समझते हुए आधुनिक विज्ञान, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में दक्ष बनने का आह्वान किया। महाराज ने कहा कि जब तक शिक्षा संस्कार, अध्यात्म और राष्ट्रबोध से नहीं जुड़ती, तब तक वह अधूरी रहती है।
उन्होंने भारत की प्राचीन वैदिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा सदियों से ज्ञान, विज्ञान और मानव मूल्यों की वाहक रही है। आज आवश्यकता है कि उसी सनातन ज्ञान को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और AI जैसी नवीन विधाओं के साथ समन्वित किया जाए। इससे आने वाली पीढ़ी तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ नैतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त बनेगी।
रितेश्वर महाराज ने कहा कि धार्मिक भाव से ग्रहण की गई शिक्षा स्थायी होती है और जीवन में सकारात्मक दिशा देती है। शिक्षा यदि केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित रह जाए तो उसका व्यापक उद्देश्य पूरा नहीं होता। शिक्षा का सही उपयोग समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा में होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से लक्ष्य के प्रति निष्ठावान रहने, अनुशासन अपनाने और ज्ञान को सेवा भाव से जोड़ने की प्रेरणा दी।
कथा स्थल पर मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए महाराज ने कहा कि आज का छात्र यदि तकनीक का उपयोग राष्ट्रहित में करे, तो भारत विश्व पटल पर और अधिक सशक्त रूप में उभर सकता है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को शिक्षा और संस्कार से जोड़ते हुए कहा कि यही सच्चा राष्ट्र निर्माण है।
राष्ट्रकथा के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक हस्तियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, कैसरगंज सांसद करन भूषण सिंह, सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुमित भूषण सिंह, सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह एवं सोनू सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह तथा नगर पालिका परिषद नवाबगंज के चेयरमैन सतेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, छात्र और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान कथा स्थल पर भक्ति, राष्ट्रचिंतन और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बताया। आयोजकों के अनुसार राष्ट्र कथा महोत्सव के आगामी सत्रों में भी राष्ट्रबोध, संस्कृति और समकालीन विषयों पर सारगर्भित संदेश दिए जाएंगे।



