
कश्मीर फाइल्स वाले विवेक अग्निहोत्री इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म बंगाल फाइल्स को लेकर चर्चा में हैं. ये फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों में बुरी तरह घिर चुकी है. 16 अगस्त को इसके ट्रेलर लॉन्च में जमकर विवाद हुआ था. फिल्म की कहानी भारत-पाकिस्तान बंटवारे की आग में झुलसते लोगों पर है. मगर विवाद हुआ है 1946 के दंगों को रोकने वाले प्रसिद्ध बंगाली योद्धा गोपाल मुखर्जी के चित्रण को लेकर है. इसी को लेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री के खिलाफ एफआईआर भी हुई. इन सब विवादों के बीच विवेक अग्निहोत्री और पल्लवी जोशी ने एक प्रेस कॉन्फेंस किया. जहां पश्चिम बंगाल की राजनीति, फिल्म और विवाद को लेकर रिएक्ट किया है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में द बंगाल फाइल्स के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने कहा, ‘आज हम एक वीडियो दिखाएंगे जिसे देखकर आप चौंक जाएंगे. जिसे मैं पहली बार दिखा रहा हूं. 20 मार्च 2020 को लॉकडाउन के दौरान हम मुंबई से जा नहीं पाए. ये फिल्म ऐसी है कि अपने मन से कोई लिख नहीं सकता. हमने लोगों से बात करके रिसर्च किया है. 18000 पेजों की समरी है.’ FIR को लेकर वह आगे अपनी बात रखते हैं:
CBFC को जब फिल्म दिखाई तो उसमें इतिहासकारों को बुलाया गया. कई पड़ाव से गुजरने के बाद बिना कट के इसे सर्टिफिकेट मिला. हमने अमेरिका में अलग अलग समाज के लोगों को दिखाई. कश्मीर फाइल्स को लेकर अमेरिका की संसद कैपिटल हिल में फिल्म दिखाने के लिए इनवाइट किया गया. लेकिन हमारे खिलाफ कई FIR दर्ज करवाई गई. फिल्म की सफलता के बाद TMC के कार्यकर्ताओं ने हर जगह FIR करवाई. बंगाल सरकार को हमें आमंत्रित करना चाहिए कि डायरेक्ट एक्शन पर ऐसी कोई फिल्म नहीं बनी. बंगाल के गौरव के ऊपर ये बात करती है फिल्म.
रिलीज डेट को लेकर भी बोले
बंगाल फाइल की रिलीज डेट को लेकर विवेक अग्निहोत्री ने कहा, ‘बॉलीवुड के लोग अपनी फिल्म ईद, 15 अगस्त या जन्मदिन पर रिलीज करते है। डायरेक्ट एक्शन को लेकर 16 अगस्त को रिलीज करना गुनाह कैसे है? ट्रेलर लॉन्च करने की कौन सी परमिशन लगती है. जब मैं पहुंचा तो कहा लॉन्च नहीं कर सकते. ITC में हमने कार्यक्रम का आयोजन किया है. क्या ये सम्भव है कि बिना परमिशन के प्रोग्राम किया जा सके. जैसे ट्रेलर शुरू किया ITC के मैनेजर आ गए और बोले ये लॉन्च नहीं हो सकता.’ ( ITC के मैनेजर का वीडियो दिखाया जिसमें मैनेजर मीडिया से घिरे दिख रहे हैं)
क्या बोलीं पल्लवी जोशी
फिल्म को लेकर पल्लवी जोशी ने रिएक्ट किया. वह इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं और कहा कि, ‘हम यहां इसलिए हैं क्योंकि कोलकाता पुलिस द्वारा हमारा ट्रेलर लॉन्च जबरन रोका. 2012 में हमने सोचा कि अपने लोकतंत्र के लिए एक ट्रिलिजी बनाएंगे. लोकतंत्र के तीन पिलर होते हैं उसमें सत्य का अहम रोल होता है. हमने लाल बहादुर शास्त्री के ऊपर ताशकंत फाइल्स बनाई. दूसरी फिल्म हमने कश्मीर फाइल्स बनाई. कश्मीरी पंडितों के ऊपर. वो अभी तक वहां नहीं जा पाए हैं. हमारी तीसरी फिल्म है बंगाल फाइल्स उसमें राइट टू लाइफ का मुद्दा उठाया. आज भी बंगाल में मुर्शिदाबाद जैसी हॉरर घटनाएं सामने आ रही है.



