डिजिटल लाइब्रेरी योजना की प्रगति की डीएम ने की समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

*गोंडा*
गोण्डा जिले में शैक्षिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजकीय जिला पुस्तकालय तथा पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, अब तक की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं, युवाओं एवं आम नागरिकों को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, रोजगारपरक जानकारी एवं ज्ञानवर्धक साहित्य सुलभ हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया और साक्षर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, कंप्यूटर, फर्नीचर एवं अन्य तकनीकी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि डिजिटल लाइब्रेरी में ई-बुक्स, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री, सामान्य ज्ञान, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास से जुड़ी जानकारी सहित अन्य उपयोगी डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि योजना का अधिकतम लाभ जनसामान्य तक पहुंच सके। मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने योजना के क्रियान्वयन में विभागीय समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि पंचायती राज, शिक्षा एवं पुस्तकालय विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें। जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव ने ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाओं एवं नियमित मॉनिटरिंग के संबंध में जानकारी दी। जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे ने डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना से जुड़े प्रशासनिक एवं तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। बैठक में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा मुख्य कोषागार अधिकारी ने भी अपने-अपने विभागों से संबंधित सुझाव प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना की नियमित समीक्षा की जाए तथा क्रियान्वयन के दौरान आने वाली किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना जिले के शैक्षिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल है, जिसे जनसहभागिता के साथ सफल बनाकर ग्रामीण अंचलों तक ज्ञान और सूचना की सुलभ पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।



