घर की शर्मीली बहू’ से बांग्लादेश की ‘लौह महिला’, पति की हत्या ने जगाया खालिदा का जज़्बा

ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया को ‘आयरन लेडी’ कहा जाता है, लेकिन उनका सफर एक साधारण शर्मीली हाउसवाइफ से शुरू हुआ था। 1945 में रंगपुर में जन्मीं खालिदा ने कभी राजनीति में कदम रखने का सपना नहीं देखा। शादी के बाद वे पति जियाउर रहमान के परिवार में घुल-मिल गईं और घर-गृहस्थी संभालने लगीं। लेकिन 1981 में पति की क्रूर हत्या ने उनकी ज़िंदगी बदल दी।
सेना के तत्कालीन प्रमुख हुसैन मुहम्मद एरशाद के नेतृत्व में हुई इस हत्या ने खालिदा को अंदर से तोड़ दिया, लेकिन यही दर्द उन्हें राजनीति की मंच पर लाया। उन्होंने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की स्थापना की और 1991 में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। पांच बार सत्ता की कुर्सी संभाल चुकीं खालिदा ने शेख हसीना की अवामी लीग के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी।
आज 79 वर्ष की उम्र में भी वे जेल में बंद हैं, लेकिन उनका संघर्ष बांग्लादेशी राजनीति का प्रतीक बना हुआ है। पति की हत्या ने उन्हें न सिर्फ मजबूत बनाया, बल्कि लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी।



