ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संरक्षक बने उमानाथ तिवारी व राजकुमार सिंह

*मंडल महामंत्री मनोनीत किए गए कप्तान सिंह व दिनेश पाठक
बैठक में संगठन के विस्तार पर चर्चा*, *कमिश्नर को सौंपा पांच सूत्रीय* मांगपत्र
गोंडा
गोंडा मुख्यालय पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की देवीपाटन मंडल इकाई के पदाधिकारियों की एक बैठक बुधवार को सिंचाई डाक बंगले में आयोजित की गयी। बैठक में पत्रकार हितों पर चर्चा की गयी तथा संगठन के विस्तार और सदस्यता पर विचार विमर्श किया गया। संगठन
में शामिल हुए जिले के वरिष्ठ पत्रकार उमानाथ तिवारी व राजकुमार सिंह को संगठन का संरक्षक व कप्तान सिंह तथा दिनेश पाठक को मंडल महामंत्री मनोनीत किया गया। बैठक में मंडल अध्यक्ष ने मनोनीत पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अपना पांच सूत्रीय मांगपत्र देवी पाटन मंडल आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील को सौंपा।
सिंचाई डाक बंगले में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। जिलाध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने सदस्यता पर चर्चा की। श्रावस्ती जिलाध्यक्ष राजकिशोर पांडेय ने संगठन की मजबूती पर बल दिया। मंडल अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने बताया कि पत्रकार हितों को लेकर मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील को पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के दो प्रतिनिधियों को प्रदेश के पत्रकार मान्यता प्राप्त समिति में शामिल करने, ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोग का गठन करने, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संगठन के लिए कार्यालय आवंटित करने, तहसील और ब्लॉक स्तर पर मान्यता के लिए किए गए प्रावधान में संशोधन करके मान्यता मानदंडों में आने वाले संवाददाताओं को मान्यता देने तथा उन्हें परिवहन व चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और गैर मान्यता प्राप्त ग्रामीण पत्रकारों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित करने की मांग की गई है। बैठक में शेर सिंह यादव, दीपक कौशल, मंगल देव शुक्ला, शिवकुमार पांडे, विनोद कुमार अवस्थी, अर्जुन प्रसाद मिश्र, विनय मिश्रा, रामकुमार कौशल, मोहनलाल चौहान, दुर्गेश जायसवाल, संजय कुमार यादव, भानु प्रताप तिवारी, मोहित द्विवेदी, मुकेश कुमार शुक्ला, खुशबू कनौजिया, निशि तिवारी, मुन्नालाल पांडे समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।



