2025 से पारिवारिक पेंशन में बड़ा बदलाव: सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को नई सुविधा

सरकार ने 2025 से पारिवारिक पेंशन व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए नई नीति लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उन परिवारों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करना है, जिनके आश्रित सरकारी कर्मचारी के निधन के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं।
नई नीति के तहत अब सेवानिवृत्ति के बाद या सेवा के दौरान कर्मचारी के निधन होने पर परिवार को पहले की तुलना में अधिक पेंशन राशि मिलेगी। पहले पारिवारिक पेंशन मृत कर्मचारी की मूल पेंशन का 50% होती थी, लेकिन 2025 से इसे बढ़ाकर 60% तक किया जा रहा है। इससे परिवारों को जीवनयापन में सहूलियत मिलेगी।
इसके अलावा, सरकार ने यह भी तय किया है कि कर्मचारी के पेंशन खाते में न्यूनतम योगदान की गारंटी होगी। यानी सेवा अवधि कम होने पर भी परिवार को एक निश्चित राशि के रूप में पेंशन मिलेगी। साथ ही, अब पेंशन पर महंगाई भत्ते (DA) का लाभ भी लागू रहेगा, जिससे बढ़ती महंगाई का असर कम किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत पारिवारिक पेंशन के दायरे में जीवनसाथी के साथ-साथ अविवाहित पुत्री या आश्रित माता-पिता को भी जोड़ा गया है। इससे अधिक परिवारजन लाभान्वित होंगे। सरकार का मानना है कि यह बदलाव न केवल कर्मचारियों बल्कि उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।
2025 से लागू होने वाली यह नीति पुराने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की तुलना में अधिक स्थायी और भरोसेमंद मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम सार्वजनिक सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को भविष्य के प्रति अधिक आश्वस्त करेगा और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का नया आधार प्रदान करेगा।



