करूर हादसे के 5 सप्ताह बाद भी पीड़ितों से नहीं मिले विजय, आखिर कब होगी मुलाकात? आ गई तारीख

तमिलनाडु के करूर जिले में 27 सितंबर, 2025 को एक्टर से राजनेता बने विजय के ‘तमिलागा वेट्री कजगम (TVK)’ पार्टी की एक रैली के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 41 लोग मारे गए और लगभग 100 घायल हो गए. इस हादसे के बाद विजय ने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ दुख जताया और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ जल्द मिलने का वादा भी किया. हादसे को 5 हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन अभी तक विजय ने किसी भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की है. अब खबर है कि वो तारीख आ गई है, जब विजय ड़ित परिवारों के साथ बातचीत करेंगे.
तमिल वेट्ट्री कझागम (टीवीके) के नेता और एक्टर-राजनेता विजय करूर भगदड़ हादसे के शिकार 41 परिवारों से 27 अक्टूबर को चेन्नई में मिलेंगे. हमारी सहयोगी वेबसाइट सीएनएन-न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विजय इस मुलाकात में पीड़ित परिवारों के साथ पांच से छह घंटे तक बातचीत कर सकते हैं.
करूर छोड़ क्यों चेन्नई में होगी मुलाकात
टीवीके सूत्रों के मुताबिक, विजय इस मुलाकात को ‘अर्थपूर्ण’ बनाना चाहते हैं और परिवारों के साथ 5-6 घंटे बिताएंगे. करूर में इस मुलाकात के लिए उपयुक्त स्थान मिलना ‘हिमालय जैसा कठिन कार्य’ था. करूर पुलिस द्वारा सुझाया गया करूर में स्थान नेता और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त नहीं था. वहां कई लोगों को कैसे समायोजित करना मुश्किल था? साथ ही, वहां भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल होता. इसलिए हमने उस वेन्यू को अस्वीकार कर दिया.’ सूत्र ने यह भी जोड़ा कि एक परिवार को छोड़कर, बाकी सभी नेता से मिलने के लिए कहीं भी यात्रा करने को सहमत हो गए हैं.
कैसे हुआ था हादसा
आपको बता दें कि 27 सितंबर को विजय की रैली में 10,000 की अनुमति के बावजूद दसियों हजार समर्थक जमा हो गए. विजय 6 घंटे लेट पहुंचे, जिससे उत्तेजित भीड़ स्टेज की ओर उमड़ी. बैरिकेड्स टूटे और भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी. इस हादसे के बाद पार्टी के इस फैसले को लेकर उन्हें खूब ट्रोल भी किया गया.
2026 चुनाव की रणनीति पर फैसला मुलाकात के बाद
हादसे के बाद टीवीके ने अपनी यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी थी. इस मुलाकात के बाद पार्टी की अगली दिशा तय करेंगे. 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में टीवीके की रणनीति पर सभी की नजरें हैं. यह मुलाकात न केवल पीड़ितों को न्याय का भरोसा देगी, बल्कि पार्टी की छवि को भी मजबूत कर सकती है.



